देवघर: झारखंड के देवघर जिले में साइबर क्राइम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने जंगल के बीच संचालित एक फर्जी कस्टमर केयर कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। संयुक्त छापेमारी में 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का दावा है कि यह गिरोह इंटरनेट पर फर्जी कस्टमर केयर नंबर अपलोड कर देशभर के लोगों को ठगी का शिकार बना रहा था।
मामले का खुलासा उस समय हुआ जब साइबर थाना को गुप्त सूचना मिली कि पथरौल थाना क्षेत्र के सरहैता गांव के पास जंगल इलाके में कुछ युवक मोबाइल फोन और सिम कार्ड के जरिए संदिग्ध गतिविधियां चला रहे हैं। सूचना के आधार पर साइबर थाना और पथरौल थाना की संयुक्त टीम ने छापेमारी की।
जंगल के भीतर अस्थायी तरीके से संचालित कथित कॉल सेंटर से पुलिस ने 11 लोगों को धर दबोचा। गिरफ्तार आरोपियों में चंदन कुमार, राहुल कुमार दास, कुंदन कुमार, दिवाकर महरा, जब्बार अंसारी, दीपक कुमार मंडल, प्रिंस कुमार मंडल, नीरज कुमार दास, संजय कुमार दास, रोहित कुमार यादव और राहुल कुमार दास शामिल हैं।
मोबाइल, सिम और नकदी बरामद
तलाशी के दौरान पुलिस ने 11 मोबाइल फोन, 12 सिम कार्ड और 1 लाख 1 हजार रुपये नकद बरामद किए। बरामद नकदी नीरज कुमार दास के पास से मिली। पुलिस के अनुसार जब्त किए गए मोबाइल फोन में कई संदिग्ध कॉल रिकॉर्ड और लेन-देन से जुड़े साक्ष्य मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
ऐसे देते थे ठगी को अंजाम
पूछताछ में खुलासा हुआ है कि गिरोह के सदस्य गूगल सर्च पर विभिन्न कंपनियों और डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म के आधिकारिक कस्टमर केयर नंबर की जगह अपने फर्जी नंबर डाल देते थे। जब कोई ग्राहक समस्या के समाधान के लिए इन नंबरों पर कॉल करता था, तो आरोपी खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताकर बातचीत करते थे। वे पीड़ितों को तकनीकी सहायता, रिफंड या समस्या समाधान का झांसा देकर बैंक खाते की जानकारी, डेबिट/क्रेडिट कार्ड डिटेल, ओटीपी और अन्य गोपनीय जानकारी हासिल कर लेते थे। इसके अलावा, खुद को PhonePe और Paytm का अधिकारी बताकर इनाम या कैशबैक का लालच भी दिया जाता था।
न्यायिक हिरासत में भेजे गए आरोपी
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ साइबर ठगी से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों और इनके नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि अब तक इस गिरोह ने कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया है और कितनी रकम की हेराफेरी की गई है।














