
रांची:झारखंड में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर निर्वाचन आयोग ने एक बार फिर टाइमलाइन में बड़ा फेरबदल किया है। जिलों से मिले फीडबैक और काम के दबाव को देखते हुए भारत निर्वाचन आयोग ने अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की मियाद बढ़ाकर अब 30 नवंबर 2026 कर दी है। पहले यह समय-सीमा 7 अक्टूबर तय थी, जिसे बाद में 19 अक्टूबर किया गया था और अब इसे तीसरी बार बढ़ाते हुए नवंबर के अंत तक ले जाया गया है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) के. रवि कुमार ने बताया कि सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों (DEO) की ओर से कार्यों को त्रुटिरहित पूरा करने के लिए अतिरिक्त वक्त की मांग की गई थी, जिसके बाद आयोग ने यह संशोधित कार्यक्रम जारी किया है।
सख्त हिदायत: न छूटे कोई पात्र, न जुड़े कोई फर्जी नाम
सीईओ के. रवि कुमार ने सभी जिला अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि तय डेडलाइन के भीतर हर पेंडिंग मामले का निपटारा होना चाहिए। आयोग का साफ रुख है कि एक भी योग्य भारतीय नागरिक का नाम वोटर लिस्ट से बाहर न रहे, साथ ही किसी भी अयोग्य या विदेशी नागरिक की एंट्री किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
चरणबद्ध प्रक्रिया: कब क्या होगा? देखें पूरा शेड्यूल
22 अक्टूबर तक: नो-मैपिंग और तकनीकी त्रुटियों (Logical Discrepancy) से जुड़े पहले और दूसरे नोटिस का अंतिम निपटारा।
31 अक्टूबर तक: नोटिस के बाद भी कागजात न देने वालों के घर BLO का भौतिक सत्यापन (Home Visit) और गैर-नोटिस श्रेणी के सभी लंबित मामलों का समाधान।
31 अक्टूबर तक: नए नाम जोड़ने (फॉर्म 6, 6A), नाम हटाने (फॉर्म 7) और संशोधन (फॉर्म 8) से जुड़ी आपत्तियों का 100% डिजिटाइजेशन।
1 से 12 नवंबर तक: छूटे हुए योग्य नागरिकों के फॉर्म-6 का घर-घर सत्यापन (Home-to-Roll) और ऑनलाइन एंट्री।
1 से 21 नवंबर तक: जिला निर्वाचन पदाधिकारी (DEO), रोल ऑब्जर्वर और CEO स्तर पर निपटाए गए नोटिसों की क्रॉस-वेरिफिकेशन और सुपर चेकिंग।
1 से 23 नवंबर तक: ECINET पोर्टल पर मतदान केंद्रों के फोटो, नजरी नक्शा, की-मैप और गूगल लोकेशन को पूरी तरह अपडेट करने का काम।
23 नवंबर तक: जनता से प्राप्त सभी दावों और आपत्तियों का अंतिम निस्तारण।
24 से 29 नवंबर तक: आंकड़ों की तकनीकी जांच, मानकों का मिलान और चुनाव आयोग से अंतिम पब्लिकेशन व छपाई की मंजूरी।
30 नवंबर 2026: राज्य भर में त्रुटिरहित और अपडेटेड मतदाता सूची का औपचारिक अंतिम प्रकाशन।



