राष्ट्रिय

आप जो सरसों तेल इस्तेमाल कर रहे हैं, असली है या नकली? ऐसे लगाएं पता..

झारखंड वार्ता

Mustard Oil:- सरसों का तेल भारत में खाना पकाने में इस्तेमाल होने वाले तेलों में सबसे पसंदीदा रहा है। खाना बनाने के लिए कई अन्य प्रकार के खाद्य तेलों का भी उपयोग किया जा रहा है, लेकिन सरसों के तेल अभी भी मुख्य रूप से एक बड़ी आबादी द्वारा उपयोग किया जाता है। खासतौर पर आज भी गांवों मे सरसों के तेल का ही इस्तेमाल किया जाता है। इसके साथ ही समय-समय पर कई रिसर्च हुई हैं और इन रिसर्च में पाया गया है कि सरसों के तेल का उपयोग करने से कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं। लेकिन, आजकल अन्य खाद्य पदार्थों की तरह ही सरसों के तेल में भी मिलावट की जा रही है और बाजार में अधिक मात्रा में नकली सरसों का तेल बेचा जा रहा है। जिससे हमारे स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

इन तरीकों से जानें सरसों तेल असली है या नकली

• एक पारदर्शी गिलास में सरसों का तेल डालें। तेल को कम से कम 30 मिनट के लिए फ्रिज में रख दें, लेकिन इसे डीप फ्रीजर में न रखें। तय समय बाद अगर तेल जम जाता है या वैक्‍स की पतली परत आ जाए तो समझे इसमें मिलावट की गई है।

• सरसों का तेल बहुत तेज महक देता है। इसलिए तेल की दो तीन बूंदे अपने हाथ के पीछे के हिस्से में रगड़ें। अगर सरसों के तेल जैसी महक आए तो ये असली है, लेकिन अगर इसमें से सोयाबीन या किसी और तरह की महक आए, इसका मतलब तेल में मिलावट है ।

• एक परखनली में 5 मिलीलीटर सरसों के तेल का नमूना लें। अब इसमें 5 मिलीलीटर नाइट्रिक एसिड डालें। ट्यूब को धीरे से हिलाएं। यदि सरसों का तेल मिलावटी नहीं है, तो यह अम्लीय परत में रंग परिवर्तन नहीं दिखाएगा। जबकि मिलावटी सरसों के तेल में अम्लीय परत में नारंगी-पीला से लाल रंग दिखाई देगा।

• सरसों के तेल की पहचान के लिए इसे हाथ पर रगड़ें। अगर पीलापन या कलर आपके हाथ पर लग जाए तो समझ जाए कि इसमें मिलावट की गई है।

ख़बर को शेयर करें।
Avatar photo

Satyam Jaiswal

सत्यम जायसवाल एक भारतीय पत्रकार हैं, जो झारखंड राज्य के रांची शहर में स्थित "झारखंड वार्ता" नामक मीडिया कंपनी के मालिक हैं। उनके पास प्रबंधन, सार्वजनिक बोलचाल, और कंटेंट क्रिएशन में लगभक एक दशक का अनुभव है। उन्होंने एपीजे इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से शिक्षा प्राप्त की है और विभिन्न कंपनियों के लिए वीडियो प्रोड्यूसर, एडिटर, और डायरेक्टर के रूप में कार्य किया है। जिसके बाद उन्होंने झारखंड वार्ता की शुरुआत की थी। "झारखंड वार्ता" झारखंड राज्य से संबंधित समाचार और जानकारी प्रदान करती है, जो राज्य के नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण है।