इस्लामाबाद: पाकिस्तान से सामने आया एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने देश की आपातकालीन सेवाओं और सार्वजनिक सुरक्षा व्यवस्था की हकीकत उजागर कर दी है। वायरल क्लिप में देखा जा सकता है कि एक रिहायशी इलाके में लगी भीषण आग को बुझाने के लिए पहुंचे दमकलकर्मी आधुनिक फायर टेंडर, प्रेशर होज या हाईटेक उपकरणों के बजाय हाथों में पानी से भरी बाल्टियां लेकर आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि यह घटना एक घनी आबादी वाले शहरी मोहल्ले की है, जहां अचानक एक इमारत में आग लग गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दी और उम्मीद की कि प्रशिक्षित कर्मी आधुनिक संसाधनों के साथ मौके पर पहुंचेंगे। लेकिन जब दमकलकर्मी पहुंचे, तो उनका यह अव्यवस्थित और पुराने तरीकों वाला बचाव अभियान देखकर न सिर्फ मौके पर मौजूद लोग हैरान रह गए, बल्कि इंटरनेट पर भी लोगों ने जमकर प्रतिक्रिया दी।
वीडियो में एक राहगीर को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि शहर में आग बुझाने के लिए भी अगर बाल्टियों का सहारा लेना पड़े, तो सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठना लाज़िमी है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर खासा आक्रोश दिखा कि शहरी क्षेत्र में भी फायर ब्रिगेड के पास जरूरी मशीनीकृत उपकरण मौजूद नहीं हैं।
वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कई यूजर्स ने पाकिस्तान की कमजोर आर्थिक स्थिति, बदहाल इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकारी लापरवाही पर तंज कसे। कुछ ने इसे 21वीं सदी में मैनुअल फायर फाइटिंग करार दिया, तो कुछ ने सवाल उठाया कि अगर इससे बड़ा हादसा होता तो जान-माल की सुरक्षा कैसे होती।
इस घटना ने पाकिस्तान में सार्वजनिक सुरक्षा प्रणालियों की फंडिंग, प्रशिक्षण और संसाधनों की उपलब्धता को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान में संसाधनों की कमी के चलते बचाव कार्यों पर सवाल खड़े हुए हों। इससे पहले भी कई बड़े हादसों में तकनीकी खराबी, उपकरणों की कमी और अपर्याप्त प्रशिक्षण के कारण भारी जान-माल का नुकसान हो चुका है।













