झारखंड

ब्यूरोक्रेट को पूर्व सीएम बाबूलाल ने चेताया,हेमंत सरकार के भ्रष्टाचार टूल किट न बने वरना..!जेल सेवा के हामिद नसीम दानिश के बाद एसपी नौशाद..!

रांची: भ्रष्टाचार को लेकर लगातार झारखंड के पूर्व सीएम और भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी हमलावर रहे हैं। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों में आरोप प्रत्यारोप जारी है। इसी बीच झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार समेत ब्यूरोक्रेट पर फिर से हमला बोला है उन्होंने ट्वीट कर क्या कहा देखें

मैंने पहले भी कई बार अनुरोध किया है कि झारखंड के कुछ महाभ्रष्ट अधिकारी इस लुटेरे हेमंत सोरेन सरकार के लिये ग़लत काम करने का टुल किट नहीं बनें। वरना करनी का फल आपको भी भुगतना होगा।

https://x.com/yourBabulal/status/1722951420696285519?t=2kqUsdCB8eWruXBO5YRrCA&s=08

अख़बारों में नित नये खबरों में देख रहा हूँ कि जेल से लेकर पुलिस और प्रशासन के कुछ लोग सुधरने का नाम नहीं ले रहे और लोभ-लाालचवश बारी-बारी से ग़लत काम कर फँसते जा रहे हैं। जेल सेवा के हामिद, नसीम, दानिश के बाद अब एसपी नौशाद? ये सब हो क्या रहा है हेमंत जी?

सुना है कि साहिबगंज के एसपी नौशाद आलम को ईडी ने विजय हाँसदा को होस्टाईल करा गवाही से मुकरवाने में सक्रिय भूमिका निभाने के आरोप में तलब किया है। आरोप तो यहॉं तक है कि विजय हॉंसदा को हाईकोर्ट से केश विदड्रा कराने के लिये वहाँ के डीसी और एसपी साहिबगंज से खुद लेकर रॉंची आये थे और कई “महानुभावों” से मिलवाया था। परदे के पीछे छिप कर शतरंजी चाल चलने वाले ऐसे सारे चेहरों के नाम सामने आना ज़रूरी है।

लगता है झारखंड के कुछ अधिकारियों ने न सुधरने की क़सम खा रखी है। मैं @dir_ed से आग्रह करता हूँ कि ऐसे लोगों से कराई से पेश आकर पूरे गिरोह एवं उनके कारनामे का पर्दाफ़ाश करें। ताकि दूसरे लोग सबक़ लें और क़ानून से हटकर काम करने से पहले ऐसे शातिर लोग सौ बार सोचें।

ख़बर को शेयर करें।
Avatar photo

Satyam Jaiswal

सत्यम जायसवाल एक भारतीय पत्रकार हैं, जो झारखंड राज्य के रांची शहर में स्थित "झारखंड वार्ता" नामक मीडिया कंपनी के मालिक हैं। उनके पास प्रबंधन, सार्वजनिक बोलचाल, और कंटेंट क्रिएशन में लगभक एक दशक का अनुभव है। उन्होंने एपीजे इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से शिक्षा प्राप्त की है और विभिन्न कंपनियों के लिए वीडियो प्रोड्यूसर, एडिटर, और डायरेक्टर के रूप में कार्य किया है। जिसके बाद उन्होंने झारखंड वार्ता की शुरुआत की थी। "झारखंड वार्ता" झारखंड राज्य से संबंधित समाचार और जानकारी प्रदान करती है, जो राज्य के नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण है।