झारखंड

नोरा फतेही और संजय दत्त के गाने ‘सरके चुनर तेरी सरके’ कथित अश्लीलता के खिलाफ सरकार सख्त सेंसर बोर्ड को दी निर्देश,देखें

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मुंबई: विवादों में घिरे संजय दत्त और नोरा फतेही का गानि ‘सरके चुनर तेरी सरके’ पर केंद्र सरकार एक्शन मोड में आ गई है और केंद्रीय सेंसर बोर्ड को इस विवाद को लेकर सख्त एक्शन लेने का निर्देश दिया है और सभी मीडिया प्लेटफार्म से इसे हटाने का निर्देश दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये गाना साउथ की फिल्म ‘केडी- द डेविल’ का हिस्सा है, जिसे कन्नड़ के साथ-साथ हिंदी में भी रिलीज किया गया था।
अब ऐसा पता चला है कि ‘अश्लील लिरिक्स’ वाले इस गाने को लेकर सरकार सख्त है।
बता दें कि जबसे ‘सरके चुनर तेरी सरके’ गाना रिलीज हुआ है, तबसे ही ये सोशल मीडिया पर विवादों के सारे में है। नेटिजंस ने इसके लिरिक्स को ‘अश्लील’ और ‘डबल मीनिंग’ वाला बताया है। मशहूर बॉलीवुड सिंगर अरमान मलिक ने भी इसकी जमकर आलोचना की है और लिखा कि काश वो इसे अनसुना कर पाते।
अब सरकारी सूत्रों से पता चला है कि संजय दत्त और नोरा फतेही के इस वल्गर गाने ‘सरके चुनर तेरी सरके’ पर सरकार एक्शन मोड में आ गई है। सरकार ने सेंसर बोर्ड को इस विवाद को लेकर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही साथ, इस गाने को सभी मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाने के लिए भी कहा गया है। आपको बता दें कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की अश्लील कंटेंट पर अब सख्त निगरानी होगी।

यूट्यूब से हटाया गया ‘सरके चुनर तेरी सरके’ गाना

इस बीच, ‘सरके चुनर तेरी सरके’ गाने की कंट्रोवर्सी को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी नोटिस जारी कर दिया है। इसके अलावा, वकील और सामाजिक कार्यकर्ता विनीत जिंदल ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से गाने को तुरंत बैन करने और उसे हटाने की मांग की है। उनका आरोप है कि इसके बोल और सीन्स ‘अश्लील और हानिकारक हैं, खासकर नाबालिगों के लिए’। विवाद बढ़ने और कानूनी दबाव के बाद मेकर्स ने इस गाने को यूट्यूब से हटा दिया है।

देखें वीडियो

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Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।