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हजारीबाग:किसी बड़े कांड को अंजाम देने की तैयारी में लगे 8 टीएसपीसी उग्रवादी पुलिस के शिकंजे में

On: March 22, 2026 8:34 PM
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हजारीबाग: किसी बड़े कांड को अंजाम देने की फिराक में लगे 8 टीएसपीसी उग्रवादियों को पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार गोला बारूद के साथ धर दबोचा।
उरीमारी ओपी क्षेत्र में पुलिस को गुप्त सूचना मिल रही थी कि ये उग्रवादी उरीमारी कोलियरी क्षेत्र में किसी बड़े कांड को अंजाम देने के फिराक में लगे हैं।
इस सूचना के बाद जिला पुलिस कप्तान के निर्देश पर एक टीम बनी और आसवा और गुडकुवा गांव के पास घेराबंदी कर छापामारी शुरू की गई। जिसमें यह सफलता मिली।
पकड़े गए उग्रवादियों में सुनिल मुंडा, विरेन्द्र मुंडा, सुरेन्द्र मुंडा, लालमोहन मुंडा, अनिल मुंडा, रविन्द्र गंझू उर्फ रिंकु, सत्येन्द्र गंझू उर्फ सन्तु और संजय मुंडा शामिल हैं ।
इनमें से संजय मुंडा रांची के मैक्लुस्कीगंज का रहने वाला है। बाकी सभी लातेहार के बालूमाथ के रहने वाले हैं।
पुलिस ने तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से 2 इंसास राइफल, 1 देशी पिस्टल और अलग-अलग बोर की कुल 170 से अधिक गोलियां बरामद की हैं। साथ ही बोलेरो वाहन और 7 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।

बताया जा रहा है कि गुप्त सूचना के बाद जब पुलिस ने उरेज की ओर से आ रही एक सफेद बोलेरो गाड़ी को रोकने का इशारा किया गया। लेकिन चालक गाड़ी घुमाकर भागने लगा। पुलिस ने पीछा किया तो तेज रफ्तार में भाग रही बोलेरो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पुल और पेड़ से टकरा गई। हादसे के बाद गाड़ी में सवार लोग भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस टीम ने चारों ओर से घेरकर सभी को पकड़ लिया। जांच के दौरान दो लोगों के हाथ में इंसास राइफल देखी गई। इसके बाद सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

बड़ी वारदात की थी तैयारी
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार उग्रवादी TSPC के जोनल कमांडर भीखन गंझू और सब जोनल कमांडर दिनेश उर्फ रवि राम के संपर्क में थे। ये लोग अलग-अलग जिलों में संगठन को सक्रिय करने और लेवी वसूलने के लिए धमकी देने का काम कर रहे थे। हाल ही में पतरातु के सरैया में फायरिंग की घटना में भी इनकी संलिप्तता सामने आई है।

इन लोगों को दबोचने में गिद्दी थानेदार राणा भानुप्रताप सिंह, उरीमारी ओपी प्रभारी रथु उरांव, लोहसिंहना थानेदार निशांत केरकेट्टा, पेलावल ओपी प्रभारी वेद प्रकाश पांडेय और तकनीकि शाखा एवं नक्सल शाखा के पदाधिकारियों की भूमिका सराहनीय रही।

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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