चटगांव: बांग्लादेश के चटगांव जिले में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय को निशाना बनाकर की गई एक गंभीर और डराने वाली घटना सामने आई है। सोमवार तड़के पश्चिम सुल्तानपुर गांव में दो हिंदू परिवारों के घरों में आग लगा दी गई। आरोप है कि हमलावरों ने आगजनी से पहले घरों के दरवाजे बाहर से बंद कर दिए थे, जिससे अंदर सो रहे लोगों की जान खतरे में पड़ गई।
आग की चपेट में आए दोनों घरों के कुल सात कमरे पूरी तरह जलकर खाक हो गए। ये घर सुखा शिल, जो दुबई में काम करते हैं, और दिहाड़ी मजदूर अनिल शिल के बताए जा रहे हैं। घटना के समय दोनों घरों में आठ लोग मौजूद थे, जो रात का खाना खाने के बाद सो रहे थे।
दरवाजे बाहर से बंद, दीवार काटकर बचाई जान
पीड़ित परिवारों ने बताया कि जब आग की लपटों और धुएं से उनकी नींद खुली और वे बाहर निकलने की कोशिश करने लगे, तब पता चला कि दोनों घरों के दरवाजे बाहर से बंद कर दिए गए थे। मजबूरी में परिवार के सदस्यों ने बांस और टीन से बनी दीवारों को काटकर किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाई।
अनिल शिल के बेटे मिथुन शिल ने बताया कि वह तीन महीने पहले अपनी शादी के सिलसिले में दुबई से घर आया था। आगजनी में उसका पासपोर्ट, घरेलू सामान और नकदी जलकर नष्ट हो गए।
प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवारों को 25 किलो चावल, 5,000 टका नकद और कंबल देकर अस्थायी राहत प्रदान की गई है। अधिकारियों ने आगे सहायता का भरोसा भी दिया है।
धमकी भरा बैनर बरामद
जले हुए मलबे के पास जांच के दौरान पुलिस को बंगाली भाषा में लिखा एक हाथ से लिखा बैनर मिला है, जिसने मामले को और गंभीर बना दिया है। इस नोट में इलाके की हिंदू आबादी को सीधे तौर पर धमकी दी गई थी। नोट में हिंदू समुदाय पर इस्लाम विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया और सभी हिंदू आंदोलनों, सामुदायिक बैठकों व धार्मिक आयोजनों को तुरंत बंद करने के लिए कहा गया है।
इस संदेश को अंतिम चेतावनी बताते हुए कहा गया कि यदि निर्देशों का पालन नहीं किया गया, तो हिंदू समुदाय के घरों, दुकानों और संपत्तियों को निशाना बनाया जाएगा। नोट में यह भी लिखा था कि कोई भी आपकी रक्षा नहीं कर पाएगा और किसी भी तरह के विरोध का परिणाम गंभीर कार्रवाई होगा।
पुलिस ने इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और आरोपियों की पहचान की कोशिश की जा रही है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और हिंदू परिवारों में भय व्याप्त है।












