इस्लामाबाद: पाकिस्तान के अशांत उत्तर-पश्चिमी प्रांत खैबर पख्तूनख्वा में सोमवार को एक भीषण आतंकी हमला हुआ, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। इस आत्मघाती बम धमाके में पाकिस्तानी सेना के 11 जवानों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
यह हमला खैबर पख्तूनख्वा के बाजौर जिला में स्थित सुरक्षा बलों की एक संयुक्त चेक पोस्ट को निशाना बनाकर किया गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, एक आत्मघाती हमलावर विस्फोटकों से भरी कार को तेज रफ्तार में चेक पोस्ट से टकरा ले गया, जिसके बाद जोरदार विस्फोट हुआ।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि चेक पोस्ट पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। वहां तैनात जवानों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। धमाके की आवाज दूर-दराज के इलाकों तक सुनाई दी, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई।
मंगलवार को पाकिस्तानी सेना की ओर से जारी बयान में बताया गया कि यह हमला 16 फरवरी को सुरक्षा बलों और कानून लागू करने वाली एजेंसियों की साझा चेक पोस्ट पर किया गया था। सेना ने इस हमले की जिम्मेदारी प्रतिबंधित आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) पर डाली है।
सेना के बयान में यह भी दावा किया गया कि इस हमले को अंजाम देने में टीटीपी को भारत से समर्थन मिला। हालांकि, इस आरोप पर भारत की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
जवाबी कार्रवाई में 12 आतंकियों के मारे जाने का दावा
हमले के तुरंत बाद पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन शुरू किया। सेना का कहना है कि जवाबी कार्रवाई के दौरान 12 आतंकियों को मार गिराया गया है। सेना के अनुसार, ऑपरेशन सफल रहा और क्षेत्र को फिलहाल सुरक्षित घोषित कर दिया गया है।
इस भीषण विस्फोट का असर आसपास के रिहायशी इलाकों पर भी पड़ा। धमाके से कई घरों के शीशे टूट गए और इमारतों को नुकसान पहुंचा। सेना के मुताबिक, इस घटना में एक मासूम बच्ची की भी मौत हो गई, जबकि महिलाओं और बच्चों सहित कम से कम सात लोग घायल हुए हैं। घायलों का इलाज नजदीकी अस्पतालों में चल रहा है।












