
आकाश लोहार
गढ़वा
दीपावली की असली चमक सिर्फ घरों की रोशनी में नहीं,बल्कि उन मेहनतकश हाथों की मुस्कान में भी है,जो मिट्टी को आकार देकर हमारे त्योहार को रोशन करते हैं,जिस मिट्टी के दीये से सदियों से हमारी परंपराएं जगमगाती रही हैं,आज उसी दीये को अपनाकर हम अपने स्थानीय कारीगरों और कुम्हारों के घरों में भी खुशियों का उजाला ला सकते हैं,इसी सांस्कृतिक विरासत और स्वदेशी भावना को आगे बढ़ाने की अपील अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पलामू विभाग संयोजक प्रिन्स सिंह ने की है।
दीपावली के पावन पर्व को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पलामू विभाग संयोजक प्रिन्स सिंह ने जिलेवासियों सहित समस्त जनमानस से मिट्टी के पारंपरिक दीये जलाकर दीपावली मनाने तथा स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील की है,उन्होंने कहा कि दीपावली केवल दीप जलाने और घरों को सजाने का त्योहार नहीं है,बल्कि यह हमारी समृद्ध भारतीय संस्कृति,गौरवशाली परंपरा और आत्मनिर्भरता की भावना का प्रतीक है,यह पर्व हमें आपसी प्रेम,भाईचारे,सद्भाव और खुशियां बांटने का संदेश देता है,ऐसे में आधुनिक सजावटी विद्युत लाइटों के साथ मिट्टी के पारंपरिक दीयों को भी दीपावली उत्सव का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए।
प्रिन्स सिंह ने कहा कि आज जरूरत है कि हम ‘वोकल फॉर लोकल’ और आत्मनिर्भर भारत की भावना को केवल नारों तक सीमित न रखें,बल्कि अपने व्यवहार में भी उतारें,दीपावली पर स्थानीय बाजारों से मिट्टी के दीये और अन्य स्वदेशी उत्पाद खरीदें,हमारा यह छोटा सा प्रयास स्थानीय कुम्हारों,छोटे व्यापारियों और कारीगरों के लिए बड़ी आर्थिक मदद साबित हो सकता है,उन्होंने कहा कि जिन कुम्हारों और कारीगरों के हाथों की मेहनत से मिट्टी के दीये तैयार होते हैं,उनकी आजीविका भी हमारे त्योहारों से जुड़ी होती है,जब हम उनसे दीये खरीदते हैं,तो केवल एक सामान नहीं खरीदते,बल्कि उनके हुनर,परिश्रम और स्वाभिमान का सम्मान करते हैं,हमारी खरीदारी से उनके घरों में भी दीपावली की खुशियां पहुंच सकती हैं।
उन्होंने युवाओं और आम नागरिकों से विशेष रूप से आह्वान किया कि अपनी सांस्कृतिक परंपराओं को संजोएं,स्वदेशी उत्पादों को अपनाएं और स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहित करें,क्योंकि आत्मनिर्भर भारत का सपना तभी साकार होगा,जब देश का हर नागरिक स्थानीय उत्पादों को सम्मान देगा और अपने स्तर से देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान करेगा,प्रिन्स सिंह की अपील का संदेश साफ है कि इस दीपावली अपने घर के साथ किसी कुम्हार के घर में भी खुशियों का दीप जलाएं,मिट्टी का एक दीया खरीदकर किसी मेहनतकश परिवार की मुस्कान की वजह बनें।




