लखनऊ। राजधानी लखनऊ से धर्म परिवर्तन का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ठाकुरगंज निवासी अंकित पांडेय ने आरोप लगाया है कि मंजूर हसन उर्फ सैफी नामक व्यक्ति ने उनकी पत्नी प्रियंका और बेटे अर्नव का पहले धर्म परिवर्तन कराया और फिर उन्हें लेकर फरार हो गया।
जेवरात, नकदी और मोबाइल लेकर भागी पत्नी
पीड़ित अंकित पांडेय ने बताया कि उनकी पत्नी घर से कीमती जेवरात, नकदी और उनका iPhone लेकर गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पत्नी और बेटे को बरगलाकर उनकी जिंदगी तबाह कर दी गई है।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप
अंकित का कहना है कि मामले की शिकायत ठाकुरगंज थाने में करने के बावजूद पुलिस ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने पत्नी की लोकेशन सर्विलांस के आधार पर सिविल कोर्ट परिसर में पाई थी, लेकिन वहां भी कार्रवाई नहीं की गई। आरोप यह भी है कि पुलिस ने उनसे उल्टा लिखवाया कि वह किसी कार्रवाई की मांग नहीं कर रहे।
बेटे का खतना कराने का आरोप
पीड़ित अंकित ने सबसे गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि 28 अगस्त 2025 को जब उन्होंने बेटे को नहलाया, तो पाया कि उसका खतना कराया जा चुका है। पत्नी से पूछने पर उसने कहा कि अब वह हिंदू धर्म में नहीं है, बल्कि मुस्लिम धर्म अपना चुकी है और बेटे का खतना मोहर्रम से पहले लखनऊ के नक्खास इलाके में कराया गया था।
धर्मांतरण गिरोह से जुड़ा होने का शक
अंकित पांडेय ने आरोप लगाया कि मंजूर हसन किसी धर्मांतरण गिरोह से जुड़ा है और पूरे मामले में एक संगठित षड्यंत्र की आशंका है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अपनी जान का खतरा है।
सीएम योगी से लगाई गुहार
पीड़ित ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूरे मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। अंकित का कहना है कि उनकी पत्नी और बेटा इस समय बाराबंकी में रह रहे हैं।
जांच पर सवाल
यह मामला न केवल लखनऊ पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है, बल्कि संगठित धर्मांतरण गिरोहों की गतिविधियों को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा करता है। पीड़ित परिवार न्याय के लिए भटक रहा है और मामले में उच्चस्तरीय हस्तक्षेप की मांग कर रहा है।
लखनऊ में धर्मांतरण कांड: पत्नी और बेटे को मुस्लिम बनाया, पति ने पुलिस पर लगाया संगीन आरोप














