रांची: बाबा राइस मिल ग्रुप और इससे जुड़े कमीशन एजेंटों के खिलाफ आयकर विभाग की सख्त कार्रवाई लगातार तीसरे दिन भी जारी है। झारखंड और बिहार के कुल पांच शहरों- रांची, जमशेदपुर, पटना, गया और औरंगाबाद में फैले 42 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की जा रही है। इस व्यापक ऑपरेशन में आयकर विभाग के 500 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक अब तक की कार्रवाई में तीन करोड़ रुपये से अधिक की नकदी और भारी मात्रा में ज्वेलरी बरामद की गई है। इसके अलावा बड़ी संख्या में अचल संपत्ति से जुड़े अहम दस्तावेज, लेनदेन की फाइलें और डिजिटल रिकॉर्ड भी जब्त किए गए हैं, जिनकी गहन जांच की जा रही है।
आयकर विभाग को संदेह है कि चावल कारोबार की आड़ में बड़े पैमाने पर आय छिपाई गई और वास्तविक कारोबार को खातों में सही तरीके से नहीं दर्शाया गया। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि कई लेनदेन बेहिसाबी और संदिग्ध तरीकों से किए गए, जिन्हें टैक्स रिटर्न में शामिल नहीं किया गया।
सूत्रों का कहना है कि अब तक जो नकदी, ज्वेलरी और दस्तावेज सामने आए हैं, उनके आधार पर कर चोरी की कुल राशि कहीं अधिक हो सकती है। जब्त दस्तावेजों का मिलान बैंक खातों, संपत्तियों और कारोबारी लेनदेन से किया जा रहा है।
आयकर विभाग की टीम अलग-अलग स्थानों पर दस्तावेजों की जांच, बयान दर्ज करने और डिजिटल डेटा खंगालने में जुटी हुई है। अधिकारियों के अनुसार यह छापेमारी और पूछताछ की प्रक्रिया अभी एक-दो दिन और चल सकती है, जिसके बाद टैक्स चोरी की वास्तविक रकम का खुलासा होने की संभावना है।
फिलहाल बाबा राइस मिल ग्रुप या संबंधित पक्ष की ओर से इस कार्रवाई पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। आयकर विभाग का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।












