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114 राफेल जेट और 6 P-8I एयरक्राफ्ट खरीदेगा भारत, 3.60 लाख करोड़ की डिफेंस डील को मंजूरी

On: February 12, 2026 11:50 PM
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नई दिल्ली: केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) की अहम बैठक में करीब 3.60 लाख करोड़ रुपये की रक्षा खरीद से जुड़े कई बड़े प्रस्तावों को ‘स्वीकृति आवश्यकता’ (Acceptance of Necessity-AoN) प्रदान की गई। इनमें 114 मल्टी रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) यानी राफेल लड़ाकू विमान, उन्नत कॉम्बैट मिसाइलें, एयर-शिप बेस्ड हाई एल्टीट्यूड प्सूडो सैटेलाइट (AS-HAPS), सेना और नौसेना के लिए विभिन्न प्लेटफॉर्म और उपकरणों की खरीद शामिल है।

वायुसेना को मिलेगी ताकत

बैठक में 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद को सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। MRFA कार्यक्रम के तहत होने वाली यह खरीद भारतीय वायुसेना की वायु श्रेष्ठता और लंबी दूरी की आक्रामक क्षमता को मजबूत करेगी। रक्षा सूत्रों के अनुसार, इन विमानों का अधिकांश निर्माण भारत में ही किए जाने की योजना है, जिससे घरेलू रक्षा विनिर्माण और ‘मेक इन इंडिया’ को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

वर्तमान में भारतीय वायुसेना के पास लगभग 30 फाइटर स्क्वाड्रन हैं, जबकि स्वीकृत संख्या 42 है। चीन और पाकिस्तान से बढ़ते सामरिक दबाव के बीच यह कमी चिंता का विषय रही है। ऐसे में 114 नए लड़ाकू विमानों की खरीद वायुसेना की मारक और प्रतिरोधक क्षमता में उल्लेखनीय इजाफा करेगी।

उन्नत मिसाइलों और AS-HAPS से बढ़ेगी रणनीतिक बढ़त

DAC ने उन्नत कॉम्बैट मिसाइलों की तैनाती को भी मंजूरी दी है। इन मिसाइलों के शामिल होने से स्टैंड-ऑफ ग्राउंड अटैक क्षमता में सुधार होगा, जिससे दुश्मन के गहरे और संरक्षित ठिकानों पर सटीक प्रहार संभव हो सकेगा। इसके अलावा, एयर-शिप बेस्ड हाई एल्टीट्यूड प्सूडो सैटेलाइट (AS-HAPS) प्रणाली को भी हरी झंडी दी गई है। यह प्रणाली लंबे समय तक खुफिया, निगरानी और टोही (ISR) अभियानों में उपयोगी होगी। इससे इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस जुटाने, सुरक्षित संचार स्थापित करने और सैन्य उद्देश्यों के लिए रिमोट सेंसिंग में मदद मिलेगी।

पिछले महीने रक्षा खरीद बोर्ड से प्रारंभिक मंजूरी मिलने के बाद अब इन प्रस्तावों को उच्चस्तरीय समिति के समक्ष अंतिम स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। इसके बाद तकनीकी और वाणिज्यिक वार्ताओं की प्रक्रिया शुरू होगी। माना जा रहा है कि MRFA सौदे को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की प्रस्तावित भारत यात्रा के दौरान अंतिम रूप दिया जा सकता है।

राफेल की भूमिका और भविष्य की जरूरतें

हालिया सैन्य अभियानों, जिनमें ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे अभियान शामिल हैं, ने 4.5वीं पीढ़ी (4.5-generation) के राफेल विमानों की प्रभावशीलता को रेखांकित किया है। राफेल में मेटियोर और स्कैल्प जैसी अत्याधुनिक मिसाइलें तथा लेजर-गाइडेड बम जैसी क्षमताएं हैं। भारत का पांचवीं पीढ़ी का एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) अभी विकास के चरण में है। वहीं HAL का तेजस Mk-1A कार्यक्रम अमेरिकी कंपनी GE से इंजन आपूर्ति में देरी के कारण प्रभावित हुआ है। ऐसे में नई राफेल खेप वायुसेना की जरूरतों को निकट भविष्य में पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगी।

सेना के लिए ‘विभव’ माइंस और प्लेटफॉर्म ओवरहॉल
बैठक में भारतीय सेना के लिए ‘विभव’ एंटी-टैंक माइंस की खरीद को भी AoN दिया गया है। इन माइंस का उपयोग दुश्मन की मैकेनाइज्ड फॉर्मेशन की गति को धीमा करने या रोकने के लिए किया जाएगा।

इसके अलावा आर्मर्ड रिकवरी व्हीकल (ARV), टी-72 टैंक और BMP-II इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल प्लेटफॉर्म के ओवरहॉल को भी मंजूरी मिली है। इस पहल का उद्देश्य इन प्लेटफॉर्म की परिचालन आयु बढ़ाना, उनकी उपलब्धता सुनिश्चित करना और समग्र युद्धक क्षमता को सुदृढ़ करना है।

नौसेना और तटरक्षक बल को भी मिलेगा लाभ

भारतीय नौसेना के लिए 4 मेगावाट मरीन गैस टरबाइन आधारित इलेक्ट्रिक पावर जेनरेटर की खरीद को रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया 2020 की ‘मेक-I’ श्रेणी के तहत स्वीकृति दी गई है। इससे विदेशी आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भरता कम होगी और स्वदेशीकरण को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही अतिरिक्त 6 P-8I लंबी दूरी के समुद्री टोही विमानों की खरीद को भी मंजूरी मिली है। इससे नौसेना की पनडुब्बी रोधी युद्ध (ASW), समुद्री निगरानी और समुद्री स्ट्राइक क्षमता में वृद्धि होगी।

भारतीय तटरक्षक बल के डोर्नियर विमानों पर इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल/इन्फ्रारेड (EO/IR) सिस्टम लगाने के प्रस्ताव को भी AoN प्रदान किया गया है, जिससे समुद्री निगरानी और खोज-बचाव अभियानों में अधिक दक्षता आएगी।

प्रस्तावों के अंतिम अनुमोदन और अनुबंध प्रक्रिया के बाद आने वाले वर्षों में भारतीय सशस्त्र बलों को नई तकनीक और आधुनिक प्लेटफॉर्म का व्यापक लाभ मिलने की उम्मीद है।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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