नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो अपने परिचालन संकट के लगातार छठे दिन भी जूझ रही है। रविवार को एयरलाइन ने कुल 2300 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में से 650 फ्लाइट्स रद्द कर दी हैं, जबकि बाकी 1650 उड़ानें सफलतापूर्वक संचालित की जा रही हैं।
नागर विमानन मंत्रालय (DGCA) के अनुसार, अब तक इंडिगो ने यात्रियों को कुल 610 करोड़ रुपये का रिफंड प्रदान किया है। इसके साथ ही, एयरलाइन ने अपने यात्रियों को उनके 3000 से अधिक बैग भी सौंप दिए हैं।
इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने रविवार को कहा कि एयरलाइन धीरे-धीरे सामान्य परिचालन की ओर लौट रही है। उन्होंने बताया कि अब एयरलाइन उड़ानों को पहले चरण में ही रद्द कर रही है, ताकि प्रभावित यात्रियों को हवाई अड्डे पर लंबा इंतजार न करना पड़े। उन्होंने उम्मीद जताई कि रविवार का OTP (On-Time Performance) करीब 75% रहेगा, जो कि पिछले दिन के 30% की तुलना में काफी बेहतर है।
सालभर के सबसे बड़े परिचालन संकट में शुक्रवार को इंडिगो ने 1000 से अधिक फ्लाइट्स, जबकि शनिवार को 800 से अधिक फ्लाइट्स रद्द की थीं।
संकट के पीछे का कारण
इस संकट का मुख्य कारण नए पायलट ड्यूटी नियम और इंडिगो के लीन-स्टाफिंग मॉडल हैं। DGCA द्वारा फ्लाई ड्यूटी टाइम लिमिट (FDTL) में बदलाव के तहत पायलटों को सप्ताह में 36 घंटे का ब्रेक बढ़ाकर 48 घंटे का ब्रेक दिया गया है। साथ ही, रात की उड़ानों की संख्या दो तक सीमित कर दी गई है।
इसके परिणामस्वरूप प्रत्येक पायलट द्वारा संचालित फ्लाइट्स की संख्या में काफी कमी आई है। इंडिगो को अपने एयरबस A320 बेड़े के लिए 2422 कैप्टन की आवश्यकता थी, लेकिन उनके पास केवल 2357 कैप्टन उपलब्ध थे। साथ ही, ‘फर्स्ट ऑफिसर्स’ की संख्या भी कम होने के कारण रोजाना सैकड़ों उड़ानों को रद्द करना पड़ा।
सीईओ पीटर एल्बर्स ने बताया कि एयरलाइन ने अपने सिस्टम में सुधार किए हैं और आशा जताई कि आने वाले दिनों में फ्लाइट्स की संख्या और OTP दोनों में सुधार देखने को मिलेगा।
इंडिगो ने अबतक ₹610 करोड़ किए रिफंड, यात्रियों को 3 हजार बैगेज भी लौटाए













