जमशेदपुर: इंफोसिस साइंस फाउंडेशन (आईएसएफ) ने शुक्रवार को बेंगलुरु में आयोजित अभिनंदन समारोह में इंफोसिस प्राइज़ 2025 के विजेताओं को सम्मानित किया। 17वें वर्ष में प्रवेश कर चुके इस पुरस्कार का उद्देश्य 40 वर्ष से कम उम्र के शोधकर्ताओं की असाधारण प्रतिभा की शीघ्र पहचान करना और उन्हें प्रोत्साहित करना है। इस वर्ष विजेताओं का चयन छह श्रेणियों—इकनॉमिक्स, इंजीनियरिंग एवं कंप्यूटर साइंसेज़, ह्यूमेनिटीज़ एंड सोशल साइंसेज़, लाइफ साइंसेज़, मैथमेटिकल साइंसेज़ और फिजिकल साइंसेज़—में उनके उल्लेखनीय योगदान के आधार पर किया गया।
इस अवसर पर के दिनेश, अध्यक्ष, ट्रस्टी मंडल, और नारायण मूर्ति, श्रीनाथ बाटनी, क्रिस गोपालकृष्णन, एस डी शिबुलाल, मोहनदास पाइ, नंदन नीलेकनी, सलिल पारेख सहित ट्रस्टी मंडल के सदस्य उपस्थित थे।
मुख्य अतिथि, नोबेल पुरस्कार विजेता प्रो. रैंडी शैकमैन, जिन्होंने 2013 में फिजियोलॉजी/मेडिसिन का नोबेल पुरस्कार जीता, ने सभी विजेताओं को स्वर्ण पदक, प्रशस्ति पत्र और 100,000 डॉलर पुरस्कार राशि प्रदान की। उन्होंने कहा कि इन शोधकर्ताओं ने भारत और विश्व के विज्ञान तथा सामाजिक विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान किया है।
आईएसएफ के अध्यक्ष के दिनेश ने कहा कि यह पुरस्कार भारत में विज्ञान और नवाचार की बढ़ती ताकत को वैश्विक स्तर पर उजागर करता है।
विजेताओं की सूची इस प्रकार है:
इकनॉमिक्स: निखिल अग्रवाल, पॉल ए. सैमुलसन प्रोफेसर ऑफ इकनॉमिक्स, मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी
इंजीनियरिंग एवं कंप्यूटर साइंसेज़: सुशांत सचदेवा, एसोसिएट प्रोफेसर, मैथमेटिकल एंड कंप्यूटेशनल साइंसेज़, यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो
ह्यूमेनिटीज़ एंड सोशल साइंसेज़: एंड्र्यू ऑलेट, एसोसिएट प्रोफेसर, साउथ एशियन लैंग्वेजेस एंड सिविलाइज़ेशंस, यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो
लाइफ साइंसेज़: अंजना बद्रीनारायणन, एसोसिएट प्रोफेसर, नेशनल सेंटर फॉर बायोलॉजिकल साइंसेज़, बेंगलुरु
मैथमेटिकल साइंसेज़: सब्यसाची मुखर्जी, एसोसिएट प्रोफेसर, टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च, मुंबई
फिजिकल साइंसेज़: कार्तिश मंथीराम, प्रोफेसर ऑफ केमिकल इंजीनियरिंग, कैलिफ़ोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (काल्टेक)
चयन प्रक्रिया अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त विद्वानों की जूरी द्वारा की गई जिसमें प्रो. कौशिक बसु (कॉर्नेल यूनिवर्सिटी), प्रो. जयति के. मूर्ति (प्रेसिडेंट, ओरेगन स्टेट यूनिवर्सिटी), प्रो. अकील बिलग्रामी (कोलंबिया यूनिवर्सिटी), प्रो. मृगांका सूर (एमआईटी), प्रो. चंद्रशेखर खरे (यूसीएलए) और प्रो. श्रीनिवास कुलकर्णी (कालटेक) जूरी प्रमुख रहे।
09 जनवरी को आयोजित 5वें इंफोसिस प्राइज़ विनर्स सिंपोजियम में विजेताओं ने अपने अनुसंधान कार्यों को दर्शकों और शिक्षा जगत के वरिष्ठ सदस्यों के समक्ष प्रस्तुत किया। इंफोसिस प्राइज़ सैबेटिकल प्रोग्राम के तहत विजेताओं को भारत में किसी संस्थान में 30 दिन बिताने और अनुभव साझा करने का अवसर मिलेगा।











