
रांची: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रही जांच के बीच CID ने सोमवार, 17 अगस्त को बड़ी कार्रवाई की। जांच एजेंसी की टीम राजधानी रांची स्थित झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) के कार्यालय पहुंची और परीक्षा से जुड़े दस्तावेजों एवं रिकॉर्ड की गहन जांच की। इस दौरान JSSC के सचिव सुधीर गुप्ता से भी पूछताछ की गई।
CID की टीम ने आयोग कार्यालय में पहुंचने के बाद परीक्षा से संबंधित विभिन्न फाइलों, दस्तावेजों और रिकॉर्ड को अपने कब्जे में लेकर उनकी पड़ताल शुरू की। अधिकारियों की मौजूदगी में परीक्षा आयोजित कराने की पूरी प्रक्रिया से जुड़े कागजात खंगाले गए। जांच के दौरान परीक्षा संचालन से जुड़े कई अहम पहलुओं पर जानकारी जुटाई गई।
सूत्रों के अनुसार, CID अधिकारियों ने JSSC CGL परीक्षा के आयोजन की प्रक्रिया, टेंडर आवंटन, प्रश्नपत्र की छपाई, उसकी सुरक्षा और परीक्षा केंद्रों तक प्रश्नपत्र पहुंचाने की व्यवस्था से जुड़े बिंदुओं पर सचिव सुधीर गुप्ता से सवाल-जवाब किए। इसके अलावा परीक्षा के बाद की प्रक्रिया और उससे संबंधित रिकॉर्ड को भी जांच के दायरे में रखा गया है।
जांच एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि परीक्षा के संचालन के दौरान निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किया गया था या नहीं। प्रश्नपत्र की छपाई से लेकर उसे सुरक्षित तरीके से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के बीच की पूरी कड़ी की जांच की जा रही है।
इससे पहले CID की टीम JSSC सचिव सुधीर गुप्ता के निजी आवास पर भी छापेमारी कर चुकी है। आवास से मिले दस्तावेजों और डिजिटल इनपुट की अब आयोग कार्यालय में उपलब्ध रिकॉर्ड से तुलना किए जाने की बात सामने आ रही है। जांच अधिकारी यह मिलान कर रहे हैं कि दोनों जगह से मिले रिकॉर्ड में किसी तरह की समानता या विसंगति तो नहीं है।
जांच के दौरान डिजिटल रिकॉर्ड को भी खास महत्व दिया जा रहा है। यदि दस्तावेजों और डिजिटल डेटा के बीच किसी प्रकार का अंतर या संदिग्ध जानकारी सामने आती है, तो CID जांच का दायरा और बढ़ा सकती है।
JSSC CGL परीक्षा में कथित अनियमितता और पेपर लीक से जुड़े मामले को लेकर यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। CID की टीम अब आयोग से जुटाए गए दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड के आधार पर परीक्षा प्रक्रिया की अलग-अलग कड़ियों की जांच कर रही है।
फिलहाल CID की कार्रवाई और जांच जारी है। आयोग कार्यालय से जुटाए जा रहे दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और सचिव से हुई पूछताछ के आधार पर जांच एजेंसी मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाले तथ्यों से ही स्पष्ट होगा कि JSSC CGL परीक्षा में कथित अनियमितता किस स्तर पर हुई और इसमें किसी की भूमिका थी या नहीं।
CID की जांच के दौरान सामने आने वाले दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य इस पूरे मामले में आगे की कार्रवाई की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
वहीं, झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों का आंदोलन भी जारी है। JPSC और JSSC की परीक्षाओं में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। JPSC से जुड़े मामले को लेकर भी छात्र आंदोलन पिछले 24 दिनों से जारी है।






