
जमशेदपुर: जब फाइलों में सच दबाने की कोशिश हो, तो ‘सूचना का अधिकार’ (RTI) ही आम नागरिक का सबसे बड़ा सहारा बनता है। लेकिन आज जब सूचना मांगने वालों पर धमकियों और प्रशासनिक टालमटोल का साया गहराने लगा है, तब लौहनगरी जमशेदपुर में इस कानून की धार को फिर से परखने की तैयारी है। आगामी 12 अक्टूबर को आरटीआई दिवस के मौके पर बिष्टुपुर स्थित चैंबर ऑफ कॉमर्स के भगवान जी पारिख हॉल में एक दिवसीय राज्य स्तरीय सेमिनार का आयोजन होने जा रहा है।
चुनौतियों और जवाबदेही पर होगी आर-पार की चर्चा
‘सूचना का अधिकार अधिनियम और नागरिक सहभागिता: प्रासंगिकता, जवाबदेही एवं समकालीन चुनौतियाँ’ विषय पर केंद्रित इस सेमिनार का खाका तैयार करने के लिए आरटीआई कार्यकर्ता संघ (केंद्रीय समिति, झारखंड) की एक अहम बैठक पुराना कोर्ट परिसर स्थित कैंप कार्यालय में हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए संघ के अध्यक्ष व अधिवक्ता दिल बहादुर ने साफ लफ्जों में कहा कि आज आरटीआई कार्यकर्ताओं को जमीनी स्तर पर धमकियों, मानसिक दबाव और सूचना हासिल करने में भारी अड़चनों से जूझना पड़ रहा है। ऐसे दौर में कार्यकर्ताओं की एकजुटता और आम जनता की सीधी भागीदारी ही इस लोकतांत्रिक हथियार को कुंद होने से बचा सकती है।
सरयू राय और कुणाल षाड़ंगी जैसे दिग्गज साझा करेंगे मंच
इस संगोष्ठी में शासन-प्रशासन के पेंच और पारदर्शिता के मुद्दों को उठाने के लिए सूबे के पूर्व कैबिनेट मंत्री व विधायक सरयू राय बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे। वहीं, पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इनके अलावा राज्यभर से जुटे आरटीआई विशेषज्ञ, अधिवक्ता और सामाजिक चिंतक प्रशासनिक पारदर्शिता और नागरिक अधिकारों की सुरक्षा पर अपने अनुभव साझा करेंगे।
तैयारियों को दिया गया अंतिम रूप
बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा तय करते हुए आयोजन को प्रभावी बनाने पर सहमति बनी। इस दौरान महासचिव कीर्तिबास मंडल, उपाध्यक्ष सदान कुमार ठाकुर, स्वागत समिति अध्यक्ष पूरबी घोष, प्रबंधन समिति अध्यक्ष विजय सिंह मुंडा, कोषाध्यक्ष ऋशेंदु केसरी, उपाध्यक्ष मुस्ताक अहमद समेत दिनेश कर्मकार, कांग्रेस महतो, सुनील कुमार प्रसाद, आशुतोष कर्मकार, सुशेन गोप, नीलकमल गोप, सुलोचना देवी और सुनील मुर्मू प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
संघ ने शहर के बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जागरूक नागरिकों से अपील की है कि वे इस सेमिनार का हिस्सा बनकर प्रशासनिक जवाबदेही की इस मुहिम को मजबूती दें।




