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जमशेदपुर:बिजली विभाग बीमार! ग्रामीण क्षेत्र की जनता लाचार

जमशेदपुर: जमशेदपुर के परसुडीह जैसे ग्रामीण क्षेत्र के लोग पिछले तकरीबन 10 दिनों से बिजली की आंख मिचौली से परेशान हैं। बिजली कब आती है कब जाती है इसका कोई टाइम टेबल नहीं है। 10 मिनट आती है एक घंटा आधा घंटा गायब रहती है। दिन रात यही सिलसिला चलता आ रहा है। ग्रामीण क्षेत्र के छोटे-मोटे व्यवसायी जो कि बिजली व्यवस्था पर आश्रित है उनकी कमर टूटने लगी है। स्टाफ को पेमेंट करना मुश्किल हो रहा है।

वहीं दूसरी ओर उमस भरी गर्मी और मौसम में उतार-चढ़ाव लोगों को मौसमी बीमारियों की चपेट में ले रहा है। अस्पतालों में मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। पावर नहीं रहने से मच्छर मक्खियों का आतंक कायम है।

जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्र के लोग यह कहने को मजबूर है कि बिजली विभाग भी बीमार हो गया है। जिसके कारण बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। पता नहीं कब तक सुधरेगी।

बहरहाल स्थिति में पिछले वर्षों में अखबारों और मीडिया के माध्यम से सुना गया था कि बिजली विभाग बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए मेंटेनेंस कर रहा है मेंटेनेंस के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च हुए हैं इसके बावजूद बिजली की दुर्दशा मेंटेनेंस पर सवाल उठा रही है की क्या कागजों में ही केवल मेंटेनेंस हुआ है क्या! इसका असर नहीं दिख रहा है!

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Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।