रांची: झारखंड के विभिन्न जिलों में सक्रिय 87 मोस्ट वांटेड अपराधियों की गिरफ्तारी राज्य पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। हत्या, डकैती, रंगदारी, लूट और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामलों में वांछित इन अपराधियों की धरपकड़ के लिए पुलिस ने आधिकारिक सूची और तस्वीरें सार्वजनिक की हैं, ताकि आम जनता की मदद से इन्हें जल्द से जल्द पकड़ा जा सके।
कई राज्यों में फैला नेटवर्क
पुलिस के अनुसार, ये अपराधी सिर्फ झारखंड तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बिहार और पश्चिम बंगाल में भी वारदातों को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं। इनका नेटवर्क संगठित है और लंबे समय से ये कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बने हुए हैं। सूची में झारखंड के लगभग सभी बड़े जिले शामिल किए गए हैं।
जमशेदपुर से रंजन मिश्रा, सूरज सिंह, अनवर अली, अरुण सिंह, रोहित चंद और मो. इमरान जैसे नाम शामिल हैं।
रांची में लखन सिंह, मजहर अंसारी, रवि रितेश नाग, अभिषेक तिर्की, शहजाद और शहवाज मलिक वांछित हैं।
वहीं चाईबासा से गुलशन बिरुली, देव कुमार बिरुली, मो. तबरेज, दानियल पॉल, विजय बिरुली, सिकंदर जामुदा, राजू गगराई, गारदी सोए, मंजीत सिंह बारी और मार्कण्डेय कुंटिया जैसे अपराधी सूची में हैं।
सरायकेला: मो. अफरोज, सूरज कोतवाल, मनोज गिरी, शंकर तांती, अजित प्रधान
लोहरदगा: आलोक भगत, आशीष उरांव
लातेहार: आशा कच्छप, दिलीप उरांव, लाखो भुइयां
देवघर: गौरव खबारे, शिबू मिश्रा, अंकित जोशी, अनवर अंसारी, परेश मंडल, शहदेव मंडल, रिंकू दास, महावीर मंडल
कोडरमा: महावीर यादव
जामताड़ा: किशोर मंडल
दुमका: कारु
हजारीबाग: उमेश दास, महावीर रविदास, गुड्डू भुइयां, गणेश दास, हामिद आफताब, दानिश खान, विनोद सिंह, रणजीत सिंह, जितेंद्र महतो, संतोष सिंह, मुकेश सिंह, लुकमान अंसारी, तौफीक अंसारी, दीपक कुमार, सुरेश महतो, तीरथ महतो
गढ़वा: संतोष पाण्डेय, भरत प्रसाद साह
पलामू: कमलेश सिंह, चंगेज खान
खूंटी: केशव कुमार
गिरिडीह: इंदर मंडल, अशोक वर्मा
गुमला: शोएब मिर्धा, कर्मा उरांव, मनोज उरांव
बोकारो: राजू मुंडा, विनोद सिंह, रतन तांती
अन्य राज्यों के अपराधी भी सूची में
झारखंड के अलावा सूची में बिहार के राजू यादव, हरियाणा के मो. आरिफ, पश्चिम बंगाल के डब्लू शेख और फरीदाबाद के अरशद अली जैसे अपराधी भी शामिल हैं, जो राज्य में आपराधिक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं।
पुलिस की जनता से अपील
झारखंड पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी भी वांछित अपराधी के बारे में कोई भी जानकारी मिले, तो उसे गोपनीय रखते हुए नजदीकी थाना या पुलिस हेल्पलाइन पर साझा करें। पुलिस का कहना है कि जनता के सहयोग से ही इन अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया जा सकता है और राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।








