
रांची: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। आंदोलन के 22वें दिन प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार के खिलाफ अपना रुख और कड़ा करते हुए 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की घोषणा की है। छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग भी उठाई है।
प्रदर्शनकारी छात्रों के संगठन जेपीएससी-जेएसएसी रिफॉर्म्स मंच की ओर से कहा गया कि भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुधार को लेकर लंबे समय से आंदोलन किया जा रहा है, लेकिन उनकी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। इसी के विरोध में 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का निर्णय लिया गया है।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
आंदोलनरत छात्रों ने कांग्रेस और झामुमो पर छात्र हितों के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया। छात्रों का कहना है कि यदि सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लेती है, तो कांग्रेस को हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार से अपना समर्थन वापस ले लेना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से तत्काल इस्तीफा देने की मांग करते हुए कहा कि परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों से हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। छात्रों ने इस पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग भी दोहराई है।
16 अगस्त को पुतला दहन का ऐलान
छात्र संगठन ने आंदोलन को और धार देने के लिए रविवार, 16 अगस्त को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पुतला दहन करने की भी घोषणा की है। छात्रों का कहना है कि जब तक भर्ती परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और सुधार को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
स्वतंत्रता दिवस पर निकाला तिरंगा मार्च
इससे पहले स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आंदोलनरत छात्रों ने रांची की सड़कों पर तिरंगा मार्च निकाला। हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर बड़ी संख्या में छात्र मार्च में शामिल हुए। इस दौरान देशभक्ति गीतों के बीच छात्रों ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।





