
रांची: झारखंड हाईकोर्ट के हालिया फैसले के बाद JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने एक बार फिर आंदोलन का ऐलान किया है। रांची प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में मंच के पदाधिकारियों ने राज्य सरकार पर छात्रों की मांगों को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया। मंच ने स्पष्ट किया कि छात्रों की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है और परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन को नए सिरे से तेज किया जाएगा।
प्रेस वार्ता में मंच के प्रवक्ता रविंद्र कुमार पासवान ने कहा कि मंच के नेतृत्व में छात्र लंबे समय तक जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन करते रहे हैं। उनका कहना था कि छात्रों का आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के विरोध में नहीं है, बल्कि परीक्षा व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों और परीक्षा माफियाओं के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि जिन परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं, उनकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए।
रविंद्र कुमार पासवान ने कहा कि सरकार की ओर से जांच को लेकर निर्णय लिए जाने के बाद छात्रों को उम्मीद जगी थी कि पूरे मामले को गंभीरता से आगे बढ़ाया जाएगा। हालांकि, हाईकोर्ट में सरकार की ओर से रखे गए पक्ष को लेकर मंच ने सवाल खड़े किए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि अदालत में सरकार की ओर से पैरवी कर रहे वकील ने छात्रों के पक्ष से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं को मजबूती से नहीं रखा। पासवान के मुताबिक, जिस तरह से पूरा मामला अदालत के सामने रखा गया, उससे छात्रों के बीच कई सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह छात्रों के लिए एक तरह का ‘ट्रैप’ बन गया और सरकार की मंशा भी स्पष्ट नजर नहीं आई।
मंच के प्रवक्ता ने कहा कि छात्रों के सामने अब दोहरी चुनौती है। एक ओर उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करनी है, वहीं दूसरी ओर उन्हें अपने अधिकारों के लिए लगातार कानूनी और आंदोलनात्मक लड़ाई लड़नी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों को पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में उन्हें लगातार कानूनी दांव-पेंच में उलझना पड़ रहा है।
रविंद्र पासवान ने आरोप लगाया कि आंदोलन को खत्म कराने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि छात्रों ने सरकार पर भरोसा किया था, लेकिन अब उन्हें लग रहा है कि उनका भरोसा टूट गया है। मंच ने इसे झारखंड के छात्रों के साथ धोखा करार दिया।
जिला मुख्यालयों पर पुतला दहन का ऐलान
प्रेस वार्ता के दौरान JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने आंदोलन को दोबारा तेज करने की घोषणा की। रविंद्र कुमार पासवान ने बताया कि शुक्रवार को झारखंड के सभी जिला मुख्यालयों पर मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया जाएगा। इसके बाद आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
मंच ने राज्यभर के छात्रों से आंदोलन के लिए तैयार रहने का आह्वान किया है। मंच का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच और छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को स्पष्ट रुख अपनाना होगा।
फिलहाल मंच की घोषणा के बाद आने वाले दिनों में JPSC और JSSC से जुड़ी परीक्षाओं को लेकर छात्र आंदोलन के फिर से जोर पकड़ने के आसार हैं। मंच ने संकेत दिया है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से पहल नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।




