---Advertisement---

लातेहार: SSB के प्रशिक्षण शिविर का समापन, हुनरमंद बने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के युवा

On: January 30, 2026 7:30 PM
---Advertisement---

निरंजन प्रसाद

लातेहार: भारत सरकार गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार सशस्त्र सीमा बल एसएसबी की 32वीं वाहिनी, लातेहार द्वारा नागरिक कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत 20 दिवसीय बढ़ईगिरी प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम नक्सल एवं वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों के गरीब, जरूरतमंद एवं पिछड़े वर्ग के नागरिकों को आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम 10 जनवरी 2026 से 30 जनवरी 2026 तक समवाय तिसिया में आयोजित हुआ, जिसका औपचारिक समापन आज कमांडेंट श्री राजेश सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ समापन समारोह में ग्राम प्रधान श्री विजय किसान, वार्ड सदस्य श्रीमती संगीता ब्रिजिया, तिसिया विकास भारती बिशनपुर के NDTC इंचार्ज दीपक गुप्ता, प्रतिनिधि,प्रशिक्षक श्री देवलाल खरवार,सहायक उप निरीक्षक राजेश मुर्मू, झारखंड पुलिस, मीडिया प्रतिनिधि, स्थानीय ग्रामीणजन तथा सशस्त्र सीमा बल के अधिकारी एवं जवान उपस्थित रहे।

सभी अतिथियों ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण युवाओं के लिए अत्यंत उपयोगी, व्यावहारिक एवं रोजगारो न्मुखी पहल बताया।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से लातेहार जिला अंतर्गत महुआडांड़ प्रखंड के विभिन्न गांवों- तिसिया, खूंटीकरम, हेसलबार सहित आसपास के क्षेत्रों से आए कुल 28 प्रतिभागी लाभान्वित हुए।

प्रतिभागियों को बढ़ईगिरी से संबंधित तकनीकी ज्ञान औजारों के उपयोग, फर्नीचर निर्माण, मरम्मत कार्य तथा स्वरोजगार की संभावनाओं के बारे में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया, जिससे वे भविष्य में आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार एवं समाज के आर्थिक विकास में योगदान दे सकें।समारोह को संबोधित करते हुए कमांडेंट श्री राजेश सिंह ने कहा कि सशस्त्र सीमा बल द्वारा नक्सल प्रभावित सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक विकास के उद्देश्य से निरंतर जन कल्याणकारी कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बढ़ईगिरी प्रशिक्षण तकनीकी दक्षता और रोजगार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है,जो प्रतिभागियों को आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण की ओर अग्रसर करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रशिक्षण प्राप्त युवा अपने कौशल का उपयोग कर न केवल स्वयं का जीवन स्तर बेहतर बनाएंगे, बल्कि देश एवं समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

इसी क्रम में समापन अवसर पर महुआडांड़ प्रखंड के चार गांव  सेमखाड़, बरदरा, खूंटीकरम एवं तिसिया के ग्राम प्रतिनिधियों को सामुदायिक उपयोग हेतु कम्युनिटी यूटेंसिल्स बर्तन का वितरण किया गया। इन बर्तनों का उपयोग सामुदायिक कार्यक्रमों सामूहिक भोज धार्मिक एवं पारंपरिक अनुष्ठानों तथा पर्व-त्योहारों के अवसर पर ग्रामीणों के कल्याण हेतु किया जाएगा, जिससे सामूहिक आयोजनों में ग्रामीणों को सुविधा मिल सके।

इसके अतिरिक्त ग्रामीणों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ए समवाय तिसिया ग्राम में नि शुल्क मानव चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित खलखो द्वारा कुल 83 मरीजों की चिकित्सीय जांच की गई तथा उन्हें निःशुल्क दवाएं प्रदान की गईं। शिविर का उद्देश्य नक्सल प्रभावित एवं सुदूरवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण एवं निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना था, जहां सामान्यतः चिकित्सा सुविधाओं का अभाव रहता है।

चिकित्सा शिविर के माध्यम से ग्रामीणों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान कर प्राथमिक उपचार किया गया, जिससे गंभीर बीमारियों की संभावना को रोका जा सके। साथ ही ग्रामीणों को स्वच्छता, पोषण, नियमित स्वास्थ्य जांच तथा रोगों की रोकथाम के प्रति जागरूक किया गया, ताकि वे स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर बेहतर जीवन जी सकें।कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि नागरिक कल्याण कार्यक्रम नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति, विकास और मुख्यधारा से जुड़ाव को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है। इससे ग्रामीणों में सुरक्षा बलों के प्रति सकरात्मक सोच विकसित होती है और वे सामाजिक एवं विकासात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करते हैं।अंत में 32वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, लातेहार द्वारा यह आश्वासन दिया गया कि भविष्य में भी ग्रामीणों के सामाजिक आर्थिक उत्थान, स्वरो जगार को बढ़ावा देने तथा युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से इस प्रकार के जनकल्याणकारी एवं कौशल विकास कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाते रहेंगे।

यह पहल न केवल ग्रामीणों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने की दिशा में सार्थक प्रयास है, बल्कि सशस्त्र सीमा बल की जनसेवा, सामाजिक दायित्व और राष्ट्रीय निर्माण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को भी सशक्त रूप से दर्शाती है।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

Join WhatsApp

Join Now