रांची: राजधानी रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र से दो मासूम भाई-बहन अंश (5 वर्ष) और अंशिका (4 वर्ष) लापता हो गए हैं। शुक्रवार शाम से रहस्यमय तरीके से गायब दोनों बच्चों की तलाश में पुलिस की कई टीमें लगातार अभियान चला रही हैं। इधर, परिजन अनहोनी की आशंका से डरे-सहमे हुए हैं और हर गुजरते पल के साथ चिंता बढ़ती जा रही है।
परिजनों के अनुसार, बच्चों की मां नीतू देवी ने बताया कि शुक्रवार दोपहर करीब ढाई से तीन बजे के बीच अंश और अंशिका घर से पास की दुकान पर बिस्किट खरीदने निकले थे। आमतौर पर बच्चे उसी दुकान से सामान लेकर कुछ ही देर में लौट आते थे, लेकिन इस बार वे वापस नहीं आए। बाद में पता चला कि जिस दुकान से बच्चे बिस्किट लिया करते थे, वह उस समय बंद थी। आशंका जताई जा रही है कि दुकान बंद मिलने के बाद बच्चे आगे बढ़ गए और रास्ता भटक बैठे।
परिवार वालों ने बताया कि शुक्रवार शाम करीब चार बजे शालीमार बाजार और शहीद मैदान के आसपास दोनों बच्चों को आखिरी बार देखे जाने की जानकारी मिली है। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से पुलिस ने भी पुष्टि की है कि शहीद मैदान के पास बच्चों को रोते हुए देखा गया था। इसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल पाया है।
बच्चों के लापता होने के बाद परिजनों ने पहले अपने स्तर पर आसपास के इलाकों, मोहल्लों, रिश्तेदारों और परिचितों के यहां काफी खोजबीन की। बच्चों के दोस्तों और जान-पहचान वालों से भी पूछताछ की गई, लेकिन कहीं से कोई ठोस जानकारी हाथ नहीं लगी। काफी प्रयासों के बाद भी जब बच्चों का पता नहीं चला, तो परिजनों ने धुर्वा थाना में इसकी सूचना दी।
सूचना मिलते ही रांची पुलिस हरकत में आ गई। धुर्वा थाना पुलिस के नेतृत्व में कई टीमों का गठन कर बच्चों की तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस आसपास के इलाकों के साथ-साथ संभावित मार्गों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, बाजारों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर लगातार तलाशी अभियान चला रही है। इसके अलावा स्थानीय लोगों से पूछताछ कर बच्चों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की जा रही है।
धुर्वा थाना पुलिस ने भरोसा जताया है कि गहन तलाशी अभियान के तहत जल्द ही दोनों बच्चों को सुरक्षित बरामद कर लिया जाएगा। पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी को अंश और अंशिका के संबंध में कोई भी जानकारी मिले, तो तुरंत नजदीकी थाना या पुलिस को सूचित करें, ताकि बच्चों तक जल्द से जल्द पहुंचा जा सके।













