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श्रीनगर के नौगाम पुलिस स्टेशन में भीषण धमाका, 7 की मौत; 30 घायल

On: November 15, 2025 6:47 AM
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श्रीनगर: दक्षिण श्रीनगर के नौगाम पुलिस स्टेशन में शुक्रवार रात वह भयावह घटना घटी जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। रात 11:22 बजे हुए तेज़ धमाके ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया। आवाज़ कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी और देखते ही देखते थाने की इमारत का बड़ा हिस्सा मलबे में तब्दील हो गया। परिसर में खड़ी कई गाड़ियां आग की लपटों से घिर गईं, जबकि 300 फीट तक इंसानी अवशेष बिखरे मिले हैं।

अब तक 7 लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि हुई है, जबकि 30 गंभीर रूप से घायल अस्पतालों में भर्ती हैं। सेना के 92 बेस अस्पताल और SKIMS में इलाज चल रहा है। घायलों में 5 की हालत अत्यंत गंभीर बताई जा रही है, इसलिए मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। मलबे में अब भी लोगों के दबे होने की संभावना से राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। मृतकों में पुलिसकर्मी, फॉरेंसिक विशेषज्ञ, एक नायब तहसीलदार और प्रशासनिक विभाग का एक अधिकारी शामिल है।

धमाका इतना तेज़ कि एक घंटे तक अंदर नहीं जा सके राहत कर्मी

CCTV फुटेज और चश्मदीदों के अनुसार, धमाका इतना जबरदस्त था कि कुछ ही सेकंड में आग और धुएं का विशाल गुबार आसमान में उठ गया। इलाके में लगातार छोटे-छोटे धमाकों की आवाज़ें आती रहीं, जिसके कारण राहत दल को करीब एक घंटे तक थाने में प्रवेश करने में कठिनाई हुई।

360 किलो अमोनियम नाइट्रेट बना तबाही का कारण?

जांच के शुरुआती चरण में दो संभावित एंगल पर काम हो रहा है:

1. थाने के भीतर रखे 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट का विस्फोट

सूत्रों के अनुसार, परिसर में रखी करीब 360 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट विस्फोटक सामग्री को मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में सील किया जा रहा था। इसी दौरान किसी तकनीकी त्रुटि या चिंगारी के कारण विस्फोट होने की आशंका जताई जा रही है।

2. आतंकी हमले का एंगल और IED का इस्तेमाल

दूसरा, और अधिक गंभीर एंगल आतंकी हमले का है। अधिकारियों को संदेह है कि थाने में खड़ी एक जब्तशुदा कार में IED लगाया गया था, जिसके फटने से यह बड़ा धमाका हुआ और भीतर रखे अमोनियम नाइट्रेट का विशाल स्टॉक भी डेटोनेट हो गया। जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े शैडो ग्रुप PAFF ने हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है, हालांकि इसकी पुष्टि अभी जांच के दायरे में है।

क्यों था नौगाम पुलिस स्टेशन आतंकी रडार पर?

नौगाम पुलिस स्टेशन एक महत्वपूर्ण सुरक्षा केंद्र रहा है, क्योंकि इंटर-स्टेट आतंकी मॉड्यूल के खिलाफ पहली FIR यहीं दर्ज हुई थी। सुरक्षा एजेंसियां इस विस्फोट को चल रही जांचों का बदला मानकर भी देख रही हैं।

फरीदाबाद कनेक्शन- वही 360 किलो विस्फोटक इस मॉड्यूल से जुड़ा

ध्यान देने वाली बात यह है कि थाने में रखा 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट वही है, जो फरीदाबाद में गिरफ्तार डॉक्टर मुजम्मिल गनई के किराये के मकान से बरामद हुआ था। इसी मॉड्यूल से जुड़े दो और डॉक्टरों को अल-फलाह यूनिवर्सिटी से पकड़ा गया था। जांच के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने फरीदाबाद से 2,900 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री भी जब्त की थी, जो पाकिस्तान-आधारित जैश-ए-मोहम्मद के बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करती है।

जांच तेज, NIA और NSG की टीमें मौके पर

घटना की गंभीरता को देखते हुए NIA, NSG और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं। विस्फोट के तकनीकी और आतंकी दोनों पहलुओं की जांच समानांतर रूप से चल रही है।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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