
अधिकारियों के छूटे पसीने; BDO को दिए सख्त निर्देश, कांग्रेस और राहुल गांधी सेना का दिखा भारी जमावड़ा
जमशेदपुर:लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर पोटका विधानसभा क्षेत्र में प्रशासनिक सरगर्मी अचानक तेज हो गई है। छठ व्रतियों की सुरक्षा और घाटों की बदहाली की शिकायतों के बीच स्थानीय विधायक संजीव सरदार खुद मैदान में उतर आए। विभिन्न छठ घाटों पर विधायक के अचानक हुए इस औचक निरीक्षण से प्रशासनिक महकमे में दिनभर हड़कंप की स्थिति बनी रही।
मौके पर मौजूद प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) और संबंधित महकमे के अफसरों को विधायक ने दो-टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए समय सीमा के भीतर काम पूरा करने के कड़े निर्देश थमा दिए। साफ-सफाई, बैरिकेडिंग, रौशनी और गहरे पानी वाले क्षेत्रों में सुरक्षा इंतजामों को लेकर अफसरों की जमकर क्लास लगी। विधायक ने स्पष्ट किया कि आस्था के इस पर्व में श्रद्धालुओं को जरा सी भी असुविधा हुई तो सीधी कार्रवाई तय है।
निरीक्षण के बहाने मजबूत सियासी संदेश
घाटों के इस दौरे में सिर्फ प्रशासनिक तल्खी ही नहीं, बल्कि सियासी एकजुटता का भी बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। विधायक के काफिले में महागठबंधन और सहयोगी संगठनों के प्रमुख चेहरों की मौजूदगी ने स्थानीय राजनीति में हलचल बढ़ा दी है।
निरीक्षण के दौरान पूर्वी सिंहभूम कांग्रेस के पूर्व महामंत्री राजा ओझा, घाघीडीह मंडल कांग्रेस अध्यक्ष रंजन सिंह, राहुल गांधी सेना के संस्थापक अध्यक्ष अम्बेश मिश्रा और राहुल गांधी सेना के युवा नेता सोनू सिंह समेत कई प्रमुख नेता और दर्जनों कार्यकर्ता पूरी मुस्तैदी के साथ डटे रहे। स्थानीय गलियारों में इस दौरे को आगामी राजनीतिक समीकरणों और जमीनी पकड़ को और पुख्ता करने की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है।
फिलहाल, विधायक के कड़े रुख के बाद स्थानीय प्रशासन बैकफुट पर है और सभी छठ घाटों पर युद्धस्तर पर काम शुरू कराने का दावा कर रहा है।




