झारखंड

ईडी के झारखंड सीएम हेमंत को 8 वें समन पर सांसद निशिकांत की चुटकी, मुख्यमंत्री चुपचाप रजाई में…!

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रांची: ईडी ने झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन को आठवां समन भेजा तो गोड्डा के भारतीय जनता पार्टी सांसद निशिकांत दुबे ने चुटकी लेते हुए कहा कि ” ‘आप’ के पाप के लिए चौथा और झारखंड के मुख्यमंत्री के डकैती के लिए 8वां समन कोई मायने नहीं रखता। केजरीवाल जी तो हल्ला मचा रहे हैं, हमारा मुख्यमंत्री तो चुपचाप रजाई में घुसकर जाड़ा काट रहे हैं. कम से कम शिबू सोरेन जी की इज़्ज़त तो रखिए, इस्तीफ़ा दीजिए व एजेंसियों के प्रश्न का जवाब दीजिए।”

प्राप्त जानकारी के अनुसार ईडी रांची के बड़गाईं अंचल में हुए कथित जमीन घोटाले के मामले में हेमंत सोरेन का बयान दर्ज करना चाहती है।ईडी ने एक बार फिर पत्र लिखा है। एजेंसी ने उनसे पूछा है कि वे बयान दर्ज कराने के लिए क्यों उपस्थित नहीं हो रहे हैं? इससे जांच में बाधा उत्पन्न हो रही है।ईडी ने उन्हें जवाब देने के लिए 16 से 20 जनवरी तक का वक्त दिया है. उन्हें एजेंसी के समक्ष उपस्थित होने को भी कहा गया है।

गौरतलब हो कि सीएम को ईडी की ओर से 29 दिसंबर 2023, 12 दिसंबर, 4 अक्टूबर, 23 सितंबर, 9 सितंबर, 24 अगस्त और 14 अगस्त को समन भेजा गया है। इस बीच सीएम सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट का भी दरवाजा खटखटा चुके हैं। कहीं से भी राहत नहीं मिली है।कुल मिलाकर उन्हें सात समन भेजे जा चुके हैं।

हालांकि दूसरी ओर सूत्रों का कहना है कि ईडी ने फिर एक बार सीएम हेमंत सोरेन को पत्र लिखते हुए ईडी ने झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन को एक बार फिर पत्र लिखा है। एजेंसी ने उनसे पूछा है कि वे बयान दर्ज कराने के लिए क्यों उपस्थित नहीं हो रहे हैं? इससे जांच में बाधा उत्पन्न हो रही है।ईडी ने उन्हें जवाब देने के लिए 16 से 20 जनवरी तक का वक्त दिया है. उन्हें एजेंसी के समक्ष उपस्थित होने को भी कहा गया है।

बत दें कि इसके पहले ईडी की ओर से उन्हें सात समन भेजे जा चुके हैं। इस पत्र को आठवां समन बताया जा रहा है।इसके लिए उन्हें बीते 29 दिसंबर को सातवां समन भेजा गया था, जिसे एजेंसी ने आखिरी समन बताते हुए सात दिनों के अंदर बयान दर्ज कराने को कहा था।सातवें समन में सोरेन से कहा गया था कि वे दो दिनों के अंदर ऐसी जगह तय करके सूचित करें, जहां उनका बयान दर्ज किया जा सके। यह जगह दोनों पक्षों के लिए उपयुक्त होनी चाहिए।

हालांकि, सोरेन इस समन पर भी उपस्थित नहीं हुए।उन्होंने इस पर 2 जनवरी को ईडी को पत्र लिखकर बार-बार भेजे जा रहे समन की तार्किकता और वैधता पर सवाल उठाया था।

सीएम ने लिखा था कि समन भेजने की खबर उनसे पहले मीडिया तक पहुंचाई जाती है, जिसकी वजह से उन्हें मीडिया ट्रायल का सामना करना पड़ रहा है।उन्होंने सभी मामलों में अपना पक्ष स्पष्ट रूप से पहले ही रख दिया है।इसके बावजूद उन्हें भेजा जा रहा समन राजनीति से प्रेरित लगता है और ऐसा करके उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश की जा रही है।

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Satyam Jaiswal

सत्यम जायसवाल एक भारतीय पत्रकार हैं, जो झारखंड राज्य के रांची शहर में स्थित "झारखंड वार्ता" नामक मीडिया कंपनी के मालिक हैं। उनके पास प्रबंधन, सार्वजनिक बोलचाल, और कंटेंट क्रिएशन में लगभक एक दशक का अनुभव है। उन्होंने एपीजे इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से शिक्षा प्राप्त की है और विभिन्न कंपनियों के लिए वीडियो प्रोड्यूसर, एडिटर, और डायरेक्टर के रूप में कार्य किया है। जिसके बाद उन्होंने झारखंड वार्ता की शुरुआत की थी। "झारखंड वार्ता" झारखंड राज्य से संबंधित समाचार और जानकारी प्रदान करती है, जो राज्य के नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण है।