सोनाहातु:- ट्रेड यूनियन मोर्चा के देशव्यापी हड़ताल के समर्थन में संयुक्त किसान मोर्चा के आव्हान पर झारखंड राज्य किसान सभा द्वारा रांची -टाटा उच्च राजपथ डोरेया मोड़, राहे – सिल्ली राजपथ, राहे एवं बासाहातु में बुंडू – सोनाहातु- सिल्ली,सोनाहातु एवं राहे – सोनाहातु पर जिंतू में अन्नदाता किसान घंटों सड़क रोक कर डटे रहे एवं किसान-मजदूर विरोधी 4 लेबर कोड,बिज ओर बिजली विधेयक रद्द करो, भी,भी,जी,राम जी विधेयक रद्द करो, मनरेगा पुनः बहाली करो, किसान विरोधी भारत – अमेरिका व्यापार समझौता रद्द करो, झारखंड में हाथियों के आतंक से किसानों को स्थायी निजात दिलाओ, किसानों के फसलों के लिए एम् एस एस की कानूनी गारंटी दो, जबरन अधिग्रहण,विस्थापन, पलायन पर रोक लगाओ, अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए शुन्य प्रतिशत पर भारतीय बाजार नहीं चलेगा, भारतीय कृषि उपज पर अमेरिकी बाजार में 18 प्रतिशत टेरिफ नहीं चलेगा, झारखंड में 40 प्रतिशत खनिज संपदा पर किसानों को हिस्सेदारी देना होगा,देश बेचना नहीं चलेगा, सार्वजनिक क्षेत्रों का निजीकरण नहीं चलेगा, सर्वाधिक महंगाई, बेरोजगारी नहीं चलेगा, जल,जंगल, जमीन कारपोरेट के हवाले नहीं चलेगा,किसानों को वनपटटा देना होगा आदि नारे लग रहे थे। किसान सभा के राज्य अध्यक्ष सुफल महतो ने कहा मोदी सरकार द्वारा किसान विरोधी 4 लेबर कोड,बिज और बिजली विधेयक,भी,भी, जी राम,जी विधेयक एवं भारत – अमेरिका व्यापार समझौता झारखंड सहित देश के किसानों के लिए मौत की घंटी है, किसानों एवं कृषि क्षेत्र पर सबसे बड़ा हमला है। मोदी सरकार देश के किसान – मजदूरो की बलि देकर,कारपोरेट एवं अमेरिकी हितो को पूरा करने पर आमादा है। 12 फरवरी का देशव्यापी हड़ताल ऐतिहासिक रहा।इस अवसर पर मजदूर नेता सुरेश मुंडा,जिला किसान सभा कोषाध्यक्ष लोधरो मुंडा, जिला उपाध्यक्ष मंगल मुंडा, जिला किसान कोंसिल सदस्य नेहरू लाल मुंडा,विशेश्वर अहिर,घुलन पातर, रिता स्वासी,राज्य कौंसिल सदस्य बिसमबर महतो, जिला सचिव रतन महतो, संयुक्त सचिव उमेश महतो, प्रेमचंद पातर,किसान रामधन मछुवा सहित काफी संख्या में किसान उपस्थित थे।
किसान – मजदूर विरोधी कानूनों के खिलाफ देशव्यापी हड़ताल ऐतिहासिक – सुफल महतो











