---Advertisement---

बसवराजू की मौत से बौखलाए नक्सली, 10 जून को राष्ट्रव्यापी बंद का किया ऐलान

On: June 1, 2025 2:30 PM
---Advertisement---

Naxal News: भाकपा (माओवादी) के महासचिव, कुख्यात नक्सली नंबाला केशवराव उर्फ बसवराजू उर्फ गगन्ना सहित 27 नक्सलियों के मारे जाने के विरोध में माओवादियों ने 10 जून को राष्ट्रव्यापी बंद का ऐलान किया है।

माओवादी केंद्रीय समिति के प्रवक्ता अभय ने इस मुठभेड़ को गृह मंत्रालय के निर्देश पर की गई पूर्व नियोजित हत्या बताया है। साथ ही, 11 जून से 3 अगस्त तक मारे गए माओवादियों की स्मृति में श्रद्धांजलि सभाएं एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभय ने बताया कि मार्च 2025 में न्यायमूर्ति चंद्रकुमार की अध्यक्षता में केंद्र सरकार द्वारा हैदराबाद में शांति वार्ता समिति गठित की गई थी। माओवादियों ने इसका समर्थन करते हुए संघर्ष विराम की घोषणा की थी। 2 महीने तक संगठन ने अत्यधिक संयम बरता, लेकिन सुरक्षा बलों द्वारा अभियान जारी रखे गए। इस अवधि में 85 माओवादी मारे गए, जिससे वार्ता का विश्वास ही टूट गया। बयान में बताया गया कि 2001 से 2025 तक बसवराज ने माओवादी आंदोलन की नीति निर्माण प्रक्रिया में केंद्रीय भूमिका निभाई। उन्होंने पार्टी के कई रणनीतिक दस्तावेजों के निर्माण में मार्गदर्शन किया। उनकी मृत्यु से आंदोलनको गहरा झटका लगा है, परंतु यह स्थायी क्षति नहीं है।

प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के महासचिव बसवराजू को विद्रोही संगठन में सबसे प्रभावशाली व्यक्ति माना जाता था। उसकी मौत को माओवादी आंदोलन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। बसवराजू भारत में हुए कुछ सबसे घातक माओवादी हमलों के पीछे मुख्य रणनीतिकार था। बताया जाता है कि वह 2010 के दंतेवाड़ा नरसंहार के पीछे था, जिसमें 76 सीआरपीएफ जवान मारे गए थे, और 2013 में छत्तीसगढ़ में झीरम घाटी में हुए हमले के पीछे भी वह ही था, जिसमें वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को निशाना बनाया गया था। नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू पर छत्तीसगढ़ सरकार ने एक करोड़ रुपए का इनाम घोषित किया था। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र में भी उस पर अलग-अलग इनाम घोषित थे। उसकी गिनती उन चुनिंदा नक्सल नेताओं में होती थी जो पोलित ब्यूरो और केंद्रीय समिति दोनों सर्वोच्च निकायों में शामिल था। उसे एक ऐसा नक्सल नेता माना जाता था जो जंगल में अपनी तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था और नेटवर्क के कारण कभी भी पकड़ा नहीं गया। लेकिन सुरक्षाबलों ने उसे चकमा देते हुए मार गिराया।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

Join WhatsApp

Join Now

और पढ़ें

अमीर राज्यों की रेस में टॉप पर महाराष्ट्र, झारखंड ने कटाई नाक; भारत के सबसे अमीर और गरीब राज्य की तुलना देख हो जाएंगे हैरान

जुगसलाई नगर परिषद चुनाव: जनसंपर्क अभियान में बोली डाली मल्लिक,महिला सशक्तिकरण एवं उनके सम्मान के लिए करूंगी काम

10 राज्यों के 37 राज्यसभा सीटों के लिए द्विवर्षीय चुनाव का बिगुल बजा, देखें पूरी शेड्यूल

जुगसलाई नगर परिषद चुनाव: वार्ड नंबर 15 प्रत्याशी विनीता देवी का पोस्टर किसी ने हटाया,देखें सीसीटीवी में कैद,निर्वाचन पदा० से शिकायत

‘सलवार का नाड़ा खोलना रेप की कोशिश, महज अश्लील हरकत नहीं’, सुप्रीम कोर्ट ने पलटा इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला

स्वच्छ व सुंदर जुगसलाई के नारे के संग पार्षद प्रत्याशी जगदीप सिंह मिंटू का डोर टू डोर जन संपर्क अभियान