

सभी बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, बंगाल के बच्चें गुरुकुल पब्लिक स्कूल धनबाद, बीहटा आवासीय विद्यालय एवं बाल निकेतन आवासीय विद्यालय बीहटा पटना के हैं।
गुरुकुल खरकाबाद, गोविंदपुर का झारखंड में दूसरे दूसरे जिले में स्कूल भी चलाते हैं। जैसे में सरस्वती विद्या मंदिर भूली, धनबाद इनका सगा भाई का है। इनका स्कूल रांची में भी है और बिहार के बच्चों को अपने स्कूल में पढ़ाकर सरकारी स्कूल से भी फार्म भराकर सेटिंग करवाते हैं। इसी तरह का एक स्कूल पटना बिहटा बिहार में भी है जो अपने यहां बच्चों को पढ़ाकर झारखंड के विभिन्न सरकारी स्कूलों से फॉर्म भरवाते हैं। बीहटा वाले भी स्कूल के प्रिंसिपल का दो भाई हैं। जो एक स्कूल बाल निकेतन के नाम से चलाते हैं। वहां से भी इस बार 14 बच्चे पास किए हैं, दो बच्चे एक ही घर के हैं। मनेर, पटना के अभिषेक कुमार और अमन कुमार, इनका तो पूरा ऑडियो गार्जियन लोगों के पास है जिसमें साफ बोल रहे हैं कि मेरा बिहार पटना घर है और बिहार के बच्चे को झारखंड का जाति, आवासीय बनवाकर एडमिशन करवा देते हैं। इनके यहां भी बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, बंगाल के बच्चों का जाति, आवासीय झारखंड से बनवाकर नामांकन करवाते हैं। इस परीक्षा में सबसे बड़ी बात यह है कि पलामू प्रमंडल से मात्र एक ही छात्र का चयन किया गया है। अभिभावकों ने बताया कि बिहार, छत्तीसगढ़, बंगाल के बच्चों को एक ही सेंटर पर रोल नंबर, सीरियल नंबर देकर परीक्षा ली गई थी और सभी बच्चों को चयन हो गया है। इसके साथ ही पटना जिले के फतुआ निवासी आयुष यादव के पिता अभिनाश कुमार बिहार के एक सरकारी शिक्षक है।
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October 18, 2026
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