
सरायकेला:थाने की चौखट, जहां इंसाफ की गुहार लेकर पहुंची एक लाचार महिला की आबरू तार-तार हो गई—उसी गम्हरिया थाने में रविवार को खाकी की साख बचाने की एक नई कवायद शुरू हुई। थाने के अंदर हुए सनसनीखेज दुष्कर्म कांड से पुलिस महकमे में मचे हड़कंप के बीच एसपी मनोज स्वर्गीयारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा फेरबदल किया है। पुलिस कप्तान की सीधी मौजूदगी में तेजतर्रार इंस्पेक्टर राजेश टुडू ने गम्हरिया थाना प्रभारी की कुर्सी संभाल ली है।
वर्दी पर कालिख पुतने के बाद ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
घरेलू विवाद सुलझाने आई पीड़िता के साथ सुरक्षा के मंदिर यानी पुलिस स्टेशन में ही सिपाही द्वारा दरिंदगी की वारदात ने पूरे महकमे की नींद उड़ा दी थी। इस मामले में पुलिस की कार्यशैली पर चौतरफा थू-थू होने के बाद एसपी ने ‘जीरो टॉलरेंस’ का रुख दिखाया। आनन-फानन में तत्कालीन थानेदार समेत आधा दर्जन (6) पुलिसकर्मियों को लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप में सस्पेंड कर लाइन हाजिर कर दिया गया। आरोपी सिपाही के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसने के साथ ही पूरे थाने की व्यवस्था को ओवरहॉल करने का फरमान जारी हुआ।
‘महिलाओं की हिफाजत पहला इम्तिहान’: नए थानेदार के सामने कांटों भरा ताज
रविवार को पदभार ग्रहण करते ही नए थाना प्रभारी राजेश टुडू ने सीधे शब्दों में अपनी प्राथमिकताएं गिना दीं। उन्होंने दो टूक कहा कि इलाके में कानून का राज कायम करना और खासकर महिलाओं के मन से वर्दी का डर मिटाकर सुरक्षा का अहसास दिलाना उनकी पहली प्राथमिकता होगी।
हालांकि, राजेश टुडू के लिए यह कुर्सी किसी कांटों भरे ताज से कम नहीं है। उन पर न सिर्फ इलाके के अपराध पर लगाम लगाने का जिम्मा है, बल्कि उस खाकी की खोई हुई विश्वसनीयता को भी बहाल करना है, जिसकी गरिमा थाने की चारदीवारी के अंदर ही तार-तार हो गई थी।
सख्त संदेश—’खाकी की आड़ में मनमानी बर्दाश्त नहीं’
जिले के एसपी मनोज स्वर्गीयारी ने इस फेरबदल के जरिए साफ संदेश दे दिया है कि वर्दी के रौब में कानून से खिलवाड़ करने वाले किसी भी कर्मी को बख्शा नहीं जाएगा। अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि राजेश टुडू की नई तैनाती क्या गम्हरिया थाने के दामन पर लगे इस गहरे दाग को धो पाएगी?






