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आकाश लोहार
गढ़वा
किसी आवारा कुत्ते या जानवर के काटने के बाद सबसे बड़ी चिंता सिर्फ जख्म की नहीं होती, बल्कि समय पर सही इलाज मिलने की भी होती है। कई बार जानकारी के अभाव और समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण मरीजों को इधर-उधर भटकना पड़ता है। लेकिन अब ऐसे मरीजों की परेशानी कम करने की दिशा में गढ़वा जिले के रंका से एक अच्छी और उम्मीद जगाने वाली खबर सामने आई है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रंका ने स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर, सुरक्षित एवं सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल की है। अस्पताल परिसर में अलग और सुव्यवस्थित एंटी रेबीज क्लिनिक (Anti-Rabies Clinic) की शुरुआत की गई है। खास बात यह है कि रंका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गढ़वा जिले का पहला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बन गया है, जहां एंटी रेबीज से संबंधित उपचार के लिए अलग से समर्पित क्लिनिक की व्यवस्था की गई है। इस विशेष क्लिनिक का उद्घाटन प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. असजद अंसारी ने किया।
इस क्लिनिक के शुरू होने से अब कुत्ते या अन्य जानवरों के काटने से प्रभावित मरीजों को एक ही स्थान पर बेहतर उपचार की सुविधा मिल सकेगी। यहां मरीजों के जख्म की निर्धारित चिकित्सा प्रोटोकॉल के अनुसार समुचित धुलाई और सफाई की जाएगी। इसके साथ ही एंटी रेबीज वैक्सीन (ARV), आवश्यकतानुसार रेबीज इम्यूनोग्लोबुलिन (RIG), निर्धारित टीकाकरण कार्यक्रम और चिकित्सकीय परामर्श की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मरीजों के लिए अलग और व्यवस्थित उपचार व्यवस्था विकसित की गई है, ताकि उन्हें इलाज के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े। पूरी व्यवस्था सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और निर्धारित चिकित्सा प्रोटोकॉल के अनुरूप तैयार की गई है। इसका उद्देश्य है कि जानवरों के काटने से प्रभावित प्रत्येक मरीज को समय पर उचित उपचार मिल सके। क्योंकि रेबीज जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए समय पर घाव की सफाई और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार टीकाकरण बेहद जरूरी है।
इस अवसर पर चिकित्साधिकारी डॉ. पल्लवी कुमारी, डॉ. सोनम प्रिया एवं डॉ. गोरखनाथ पांडे सहित अस्पताल के कई चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे। दरअसल, किसी भी अस्पताल की पहचान केवल उसकी इमारत या सुविधाओं से नहीं, बल्कि इस बात से होती है कि संकट के समय वह आम लोगों के कितने काम आता है। रंका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की यह पहल भी इसी सोच को आगे बढ़ाती नजर आ रही है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रंका लगातार स्वास्थ्य सेवाओं में नवाचार, बेहतर प्रबंधन और जनहित से जुड़ी नई पहल के माध्यम से अपनी अलग पहचान बनाने की दिशा में काम कर रहा है। एंटी रेबीज क्लिनिक की शुरुआत भी इसी प्रयास की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। क्योंकि स्वास्थ्य सेवा का असली उद्देश्य सिर्फ बीमारी का इलाज करना नहीं, बल्कि मरीज की परेशानी को समझना, उसे समय पर राहत देना और उसके मन में भरोसा जगाना भी है। रंका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की यह नई पहल निश्चित रूप से क्षेत्र के लोगों के लिए राहत और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की दिशा में एक सराहनीय कदम है।




