सिल्ली:- तीन दिवसीय गुंज महोत्सव के प्रथम दिन सिल्ली स्टेडियम परिसर में झारखंड के महामहिम राज्यपाल सी पी राधाकृष्णन, गुंज के संरक्षक सुदेश कुमार महतो, गिरिडीह के सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी, गोमिया विधायक डॉ लंबोदर महतो,सिल्ली तीरंदाजी केन्द्र की अध्यक्ष नेहा महतो ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर गुंज महोत्सव का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम में सर्वप्रथम गुंज महोत्सव के मुख्य अतिथि झारखंड के महामहिम राज्यपाल सी पी राधाकृष्णन का सिल्ली स्टेडियम परिसर मे पारंपरिक तरीके से भव्य स्वागत किया गया तत्पश्चात झारखंड के महामहिम ने स्वर्गीय विनोद बिहारी महतो के आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रध्दा सुमन अर्पित किया।
इसी क्रम में पांच हजार छौ नृत्य कलाकारों ने अपना कला का प्रदर्शन कर महामहिम का स्वागत किया।
साथ ही क्षेत्र के स्कूल की छात्राओं ने स्वागत गान गाकर आए हुए अतिथियों का स्वागत किया। सिल्ली के पावन धरती पर गुंज के संरक्षक सुदेश कुमार महतो ने झारखंड के महामहिम राज्यपाल सी पी राधाकृष्णन को अंगवस्त्र, पुष्प गुच्छ एवं प्रतीक चिन्ह देखकर स्वागत किया, साथ ही आए हुए अतिथियों का भी अंगवस्त्र देकर स्वागत किया गया।
कार्यक्रम का शुरुआत राष्ट्रगान के साथ शुभारंभ किया गया। वही कार्यक्रम के दौरान महामहिम ने अपने अभिवादन में कहा कि आज का आयोजन महोत्सव नहीं झारखंड की कला एवं संस्कृति का प्रतीक है। हमें अपने संस्कृति को विरासत के रूप में आगे लेकर चलना है। स्वर्गीय विनोद बिहारी महतो जिन्होंने अपनी पूरी जीवन झारखंड के लिए न्योछावर किया उनको हम तहे दिल से नमन करते हैं। हम सभी जानते हैं कि हमारी परंपराएं एवं संस्कृति विश्व भर में खूबसूरत है और सांस्कृतिक पर्व गुंज महोत्सव में आकर मुझे काफी खुशी हुई आज इस आयोजन में छव नृत्य में बच्चों ने मुझे आनंद विभोर किया मैं इस वृहद आयोजन के लिए गुंज के संरक्षक सुदेश कुमार महतो को धन्यवाद देता हूं। उन्होंने कहा कि गुंज की पहचान राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच चुकी है। वही अपने अभिवादन में सिल्ली विधायक सह गुंज के संरक्षक सुदेश कुमार महतो ने कहा की गुंज परिवार असहाय लोगों की विगत कई वर्षों से सेवा करते आ रही है, हम लोगों को मिलकर असहाय लोगों का जीवन सहज बनाना है। झारखंड में अपनी भाषा संस्कृति को सुरक्षित रखना तथा आम गरीब लोग सबल हो सके यही हमारा दायित्व है। झारखंड प्रदेश की भावनाओं को पूरा करना हमारा मुख्य लक्ष्य है स्वास्थ्य, पढ़ाई और न्याय व्यवस्था को दुरुस्त करना हमारी प्राथमिकता है। राज्य भर में पूरे प्रदेश से खेल में 26 सफल अभ्यर्थी ने मेडल जीता है जो हमलोगों के लिए गौरव की बात है। कलाकारों की प्रतिभा को विश्व पटल पर स्थापित करना गुंज महोत्सव का मुख्य उद्देश्य है साथ ही साथ समाजिक सांस्कृतिक और धारना का जिवंत प्रतिक इस महोत्सव ने क्षेत्र में विकास को गति दिया है एवं प्रगति की राह एवं परंपरा को सहेजने,लोक कलाकारों को मंच देने का भी काम किया है। महामहिम के द्वारा उत्कृष्ट महिला, जलसहिया,पूर्व सैनिक खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी, वुशु खिलाड़ी, डायन प्रथा के खिलाफ समाज को सजग करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। इसी क्रम में गुंज के संरक्षक के द्वारा गांव प्रधान, रसोईया,कला उत्सव में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कलाकारों को एवं समाज में विभिन्न तरह के उत्कृष्ट कार्य करने वालों को भी सम्मानित किया गया। इस महोत्सव में जनकल्याण को लेकर सरकारी एवं गैरसरकारी स्तर पर कई विभिन्न शिविर भी लगाए जाएगें जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोग लाभान्वित होगें।
गूंज महोत्सव झारखंड की कला एवं संस्कृति का प्रतीक है – राज्यपाल










