काबुल: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। सोमवार देर रात पाकिस्तान की वायुसेना ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एक साथ पांच अलग-अलग जगहों पर जोरदार एयरस्ट्राइक की। इस हमले में भारी विस्फोटकों का इस्तेमाल किया गया, जिससे कई इलाकों में आसमान आग के गोले और धुएं से भर गया।
जानकारी के मुताबिक रात करीब 9:30 बजे पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों ने काबुल के कई हिस्सों को निशाना बनाया। हमले में पाकिस्तानी वायुसेना के JF-17 Thunder और F-16 Fighting Falcon विमानों का इस्तेमाल किया गया। करीब 23 मिनट तक चली इस बमबारी में कई इलाकों में जबरदस्त धमाके सुनाई दिए और बड़े पैमाने पर तबाही हुई।
पांच जगहों को बनाया गया निशाना
बताया जा रहा है कि हमले में रक्षा मंत्रालय के पास स्थित रिहायशी इलाका, अफगान खुफिया एजेंसी GDI के मुख्यालय के आसपास का इलाका, राष्ट्रपति भवन के पास का रिहायशी क्षेत्र और काबुल एयरपोर्ट के नजदीक स्थित पुराने नाटो बेस में बना लगभग दो हजार बेड वाला सरकारी अस्पताल भी प्रभावित हुआ।
भारी पेलोड वाले बम गिराए जाने से रक्षा मंत्रालय और GDI मुख्यालय के आसपास के क्षेत्रों में आग के बड़े गुबार उठते दिखाई दिए। वहीं राष्ट्रपति भवन के नजदीक बसे आवासीय इलाके में भी कई इमारतों में आग लग गई।
सबसे अधिक नुकसान काबुल के पार्की सनाई कोचक इलाके में स्थित उस सरकारी अस्पताल को हुआ, जहां नशे के आदी मरीजों का इलाज किया जाता था। बमबारी के बाद अस्पताल का बड़ा हिस्सा आग की लपटों में घिर गया।
400 मौतें
स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक रात दो बजे तक मिली जानकारी के अनुसार इस एयरस्ट्राइक में करीब 400 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 250 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। कई लोग अब भी मलबे में दबे हो सकते हैं।
घटना के बाद काबुल में बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है। रेस्क्यू टीमें अस्पताल और रिहायशी इलाकों में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश कर रही हैं।
नंगरहार में भी बमबारी
राजधानी काबुल के अलावा पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत में भी हवाई हमले किए जाने की खबर है। हालांकि वहां किसी के हताहत होने की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
अफगान सरकार ने बताया ‘मानवता के खिलाफ अपराध’
अफगान सरकार के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे मानवता के खिलाफ अपराध करार दिया है। उनका कहना है कि पाकिस्तान ने रिहायशी इलाकों और अस्पताल को निशाना बनाया, जो अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है।
पाकिस्तान ने आरोपों से किया इनकार
वहीं पाकिस्तान सरकार का कहना है कि एयरस्ट्राइक केवल अफगान सेना के हथियार ठिकानों पर की गई थी। पाकिस्तान ने दावा किया कि हमले के दौरान आम नागरिकों को नुकसान न पहुंचे, इसका विशेष ध्यान रखा गया।
तीन हफ्तों से जारी है टकराव
दोनों देशों के बीच यह तनाव पिछले तीन सप्ताह से लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को सीमा पर हुई भीषण गोलीबारी के कुछ घंटों बाद ही यह बड़ा हवाई हमला किया गया।
अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज प्रशासन ने इसे अपने देश की सीमा और संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया एयरस्ट्राइक से दोनों पड़ोसी देशों के बीच जारी संघर्ष और ज्यादा गंभीर हो सकता है।








