
रांची: छात्रों के पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान लाठीचार्ज और झामुमो कार्यकर्ताओं के साथ कथित झड़प के बाद झारखंड में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। शुक्रवार की घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने रांची समेत राज्य के कई जिलों में एक साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधा। भाजपा ने छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और झामुमो कार्यकर्ताओं की कथित भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
रांची स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री एवं भाजपा नेता संजय सेठ ने कहा कि राज्य के छात्र परीक्षा में पारदर्शिता, नियुक्ति प्रक्रिया में सुधार और न्याय की मांग को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। सरकार को छात्रों की समस्याओं पर संवाद करना चाहिए था, लेकिन इसके बजाय लाठीचार्ज का सहारा लिया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने JPSC और JSSC द्वारा आयोजित परीक्षाओं के माध्यम से लगभग ₹1,000 करोड़ में नौकरी बेचने का काम किया है। झारखंड के बच्चों का भविष्य बेच कर पैसे कमा लिए गए। हिम्मत है तो सीबीआई जांच करवाएं।
संजय सेठ ने हजारीबाग के गांधी मैदान और गिरिडीह में छात्रों के साथ कथित मारपीट का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के दौरान छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार की शिकायतें सामने आई हैं। साथ ही उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि महिला प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पर्याप्त संख्या में महिला पुलिसकर्मी मौजूद थीं या नहीं।
भाजपा नेता ने छात्र आंदोलन के दौरान झामुमो कार्यकर्ताओं और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई कथित झड़प को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी छात्रों के साथ सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ताओं की भिड़ंत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि अलग-अलग जिलों में आंदोलन के दौरान एक जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं, तो यह जांच का विषय है कि इन घटनाओं के पीछे क्या परिस्थितियां थीं। भाजपा ने प्रशासन की भूमिका और निष्पक्षता पर भी सवाल उठाते हुए दोषियों के खिलाफ समान रूप से कार्रवाई की मांग की।
संजय सेठ ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखना कोई अपराध नहीं है। सरकार को असहमति की आवाज को दबाने के बजाय छात्रों से बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज को लाठी के बल पर दबाया नहीं जा सकता। छात्रों की मांगों में रोजगार, भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और कथित गड़बड़ियों की जांच जैसे मुद्दे शामिल हैं। भाजपा ने इन मामलों की जांच सीबीआई से कराने की मांग भी दोहराई।
भाजपा ने आरोप लगाया कि झारखंड में भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर छात्र लंबे समय से सवाल उठा रहे हैं। पार्टी का कहना है कि सरकार को छात्रों की मांगों पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए और यदि किसी परीक्षा या नियुक्ति प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
संजय सेठ ने सवाल किया कि सरकार सीबीआई जांच की मांग से क्यों बच रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की शंका को दूर करने के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है।
भाजपा नेता ने कहा कि पुलिस प्रशासन का काम कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, न कि किसी राजनीतिक दल के पक्ष में खड़ा होना। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी छात्र हों या किसी राजनीतिक दल से जुड़े लोग, कानून हाथ में लेने वाले प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ समान कार्रवाई होनी चाहिए।
भाजपा ने झामुमो कार्यकर्ताओं द्वारा छात्रों पर हमला किए जाने की शिकायतों की भी निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
संजय सेठ ने कहा कि सरकार लाठी के जरिए आंदोलन को कुछ समय के लिए नियंत्रित कर सकती है, लेकिन इससे युवाओं के भीतर उठ रहे सवाल और आक्रोश खत्म नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि झारखंड के युवाओं के भविष्य, रोजगार और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाब देना ही होगा।
उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए कहा कि युवाओं से किए गए वादों को पूरा करने के बजाय उन पर लाठियां चलाना सरकार की हताशा को दर्शाता है। भाजपा ने स्पष्ट किया कि वह छात्रों के मुद्दों को लेकर अपनी आवाज आगे भी उठाती रहेगी और युवाओं की मांगों को दबने नहीं दिया जाएगा।





