झारखंड वार्ता संवाददाता
श्री बंशीधर नगर (गढ़वा)। प्रखंड क्षेत्र के गरबांध गांव के समीप घाटी पर शुक्रवार की सुबह धान कटाई कर लौट रहे मजदूरों से भरा पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर तीन मीटर गहरी खाई में पलट गया। हादसे में 6 साल की मासूम बच्ची समेत 9 मजदूर घायल हो गए, जिनमें 8 की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। हादसा इतना भयावह था कि घायलों के चीख-पुकार सुनकर आसपास के बड़ी संख्या में लोग दौड़ पड़े और कड़ी मशक्कत से सभी घायलों को खाई से बाहर निकाला गया। जिसके बाद सभी घायलों को गरबांध के पूर्व मुखिया सोहन उरांव, भाजपा नेता लालमोहन यादव व स्थानीय लोगों की मदद से आनन-फानन में तत्काल अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ० संतोष कुमार ने सभी घायलों के प्राथमिक उपचार के बाद 8 मजदूरों की गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल गढ़वा रेफर कर दिया।
जानकारी के अनुसार वाहन दुर्घटनाग्रस्त में घायल होने वालों में सुरेंद्र राम (20) पत्नी गीता देवी (20) एवं बेटी सोनाली कुमारी (6), देवंती देवी (30), रेशमी देवी (50), प्रभा देवी (35), लाल जवाहिर राम (55), दिनेश राम (38) ये सभी एक ही परिवार के हैं। वही भगमनिया देवी (30) पति मुनि कोरवा का भी शामिल हैं। ये सभी मजदूर प्रखंड क्षेत्र के गरबांध गांव के ही रहने वाले हैं। बताया जा रहा है कि यह सभी मजदूर डेढ़ माह के बाद उत्तर प्रदेश के रॉबर्ट्सगंज से धान कटाई कर घर लौट रहे थे। पिकअप वाहन धान के बोरिया से भरा हुआ था। जैसे ही गरबांध घाटी पर चढ़ा चालक अपना संतुलन खो दिया और गाड़ी खाई में जाकर पलट गई।
अधूरी कटिंग बनी हादसे की वजह, ग्रामीणों में नाराजगी
हादसे के बाद ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए आक्रोश व्यक्त किया। भाजपा नेता लालमोहन यादव ने बताया कि एनएच-75 से रोहिणिया तक बन रही सड़क की घाटी कटिंग अधूरी छोड़ दी गई है, जिस पर पहले भी कई बार आपत्ति दर्ज कराई गई थी। उन्होंने बताया कि 15 दिन पहले एसडीओ, एई और ठेकेदार को मौके पर बुलाया गया था लेकिन अधिकारियों ने घाटी को ‘ठोस’ बताते हुए कटिंग से इनकार कर दिया। आधी-अधूरी कटिंग के कारण सड़क किनारे लगभग तीन मीटर गहरी खाई छोड़ दी गई, जो आज हादसे का मुख्य कारण बनी। उन्होंने ठेकेदार पर घटिया काम तथा अधिकारियों से मिलीभगत का आरोप लगाया गया है।
वही आक्रोशित ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक घाटी काटकर सड़क को सुरक्षित नहीं बनाया जाएगा, तब तक आगे का निर्माण कार्य नहीं होने दिया जाएगा।
पलायन की मजबूरी और अधूरा विकास बना जानलेवा
यह हादसा सिर्फ सड़क निर्माण की लापरवाही नहीं, बल्कि आसपास के गांवों में बढ़ते पलायन और रोजगार संकट की कड़वी हकीकत भी उजागर करता है। इन परिवारों को मजबूरी में रात-दिन खेतों में मजदूरी के लिए दूसरे प्रदेशों में जाना पड़ता है। गांव में अधूरी सड़कें और असुरक्षित रास्ते उनकी मजबूरी को और खतरनाक बना रहे हैं। गरीब परिवारों पर पलायन और लापरवाह निर्माण—दोनों की दोहरी मार पड़ रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सड़क निर्माण कार्य की समीक्षा, घाटी कटिंग पूरा करने और ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग की है।
रॉबर्ट्सगंज से धान कटाई से लौट रहे मजदूरों की पिकअप गरबांध घाटी में पलटी, मासूम बच्ची समेत 9 घायल, आठ रेफर














