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घर में पाल रखे थे जहरीले सांप, एक बार डसवाने का लेते 50000; गुजरात में ड्रग्स सिंडिकेट का खुलासा

On: March 3, 2026 10:58 PM
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अहमदाबाद: गुजरात के अहमदाबाद शहर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शहर के पॉश माने जाने वाले नवरंगपुरा इलाके में स्थित एक रिहायशी फ्लैट में गुपचुप तरीके से अंतरराष्ट्रीय स्तर का वन्यजीव तस्करी और ड्रग सिंडिकेट चलाया जा रहा था। इस अवैध कारोबार की भनक आसपास रहने वाले लोगों को भी नहीं थी। मामले ने शहर में सनसनी फैला दी है।

10×12 के कमरे में ‘खौफनाक कारोबार’

अपराध शाखा और वन विभाग की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर फ्लैट में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान महज 10×12 फीट के एक कमरे से 50 से अधिक जहरीले सांपों समेत कई दुर्लभ प्रजातियों के जानवर बरामद किए गए। इन जानवरों को बेहद खराब हालात में ठूंस-ठूंस कर रखा गया था।
जांच में खुलासा हुआ है कि गिरोह न सिर्फ वन्यजीवों की तस्करी कर रहा था, बल्कि सांपों के जहर का इस्तेमाल नशे के तौर पर कर हाई-प्रोफाइल ग्राहकों को सप्लाई भी करता था।

रेव पार्टियों में जहर का ‘नशा’

जानकारी के मुताबिक गांधीनगर और खेड़ा समेत आसपास के इलाकों में आयोजित गुप्त रेव पार्टियों में सांप के जहर की भारी मांग थी। नशे के लिए एक खुराक की कीमत 40 से 50 हजार रुपये तक वसूली जाती थी। बताया जा रहा है कि शौकीन लोग या तो खुद को सांप से डसवाते थे या फिर जहर की कुछ बूंदें सीधे रक्त में इंजेक्ट कराते थे। अलग-अलग प्रजातियों के सांपों के हिसाब से रेट कार्ड तय था।

मुख्य आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने मौके से मुख्य आरोपी मणिकनंदन नादर (41) को गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से कई डिजिटल उपकरण, बैंक दस्तावेज और संदिग्ध लेन-देन के रिकॉर्ड भी बरामद हुए हैं।

दुर्लभ विदेशी जानवर भी जब्त

छापेमारी के दौरान केवल सांप ही नहीं, बल्कि कई विदेशी और संरक्षित प्रजातियों के जानवर भी बरामद किए गए, जिनमें लाल हाथ वाला टैमरिन बंदर, अफ्रीकी ग्रे तोते, नीदरलैंड के बौने खरगोश, नीले-सुनहरे मैकाऊ तोते, फारसी बिल्लियां शामिल हैं।

अधिकारियों के अनुसार, इन जानवरों को अवैध तरीके से विदेशों से मंगाया गया था और इन्हें ऊंची कीमत पर बेचने की तैयारी थी।

एजेंसियां जांच में जुटीं

मामले की गंभीरता को देखते हुए कई एजेंसियां एक साथ जांच में जुट गई हैं। वन विभाग वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के उल्लंघन की जांच कर रहा है। सीमा शुल्क विभाग विदेशी प्रजातियों के अवैध आयात-निर्यात नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रहा है। नगर निगम (AMC) घनी आबादी वाले इलाके में इन जानवरों से संभावित संक्रमण और स्वास्थ्य जोखिम का आकलन कर रहा है।
साइबर सेल आरोपी के मोबाइल, लैपटॉप और बैंक खातों की जांच कर ग्राहकों और नेटवर्क की पहचान कर रही है।

बड़ा नेटवर्क होने की आशंका

प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह सिंडिकेट केवल गुजरात तक सीमित नहीं था, बल्कि देश के अन्य बड़े शहरों से भी इसके तार जुड़े हो सकते हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है।

फिलहाल बरामद सभी जानवरों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर विशेषज्ञों की निगरानी में रखा गया है।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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