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हजारीबाग जेल की कुव्यवस्था का एसएमएस कैदी ने सरकार को भेजा,मचा हड़कंप,आईजी ने..!

On: October 8, 2025 3:15 PM
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हजारीबाग: लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा सुर्खियों में है।चार दिन पहले सिपाहियों के दो गुटों में झड़प हुई थी। इसका कारण बताया जाता है कि जेल में पूर्व सिपाही अशोक शर्मा का जेल में वर्चस्व था। उसके इशारे पर अनियमितताएं होती रहीं। उसके गिरोह में कई संतरी शामिल हैं, जो सुरक्षा में सेंध लगाते थे। इसी बीच कथित रूप से भू-घोटाले के आरोपी नेक्सजेन शोरूम संचालक विनय कुमार सिंह ने जेल के अंदर खाने-पीने और कुव्यवस्था की शिकायत SMS से सरकार को भेज दी। इससे जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे और सरकार हरकत में आ गई और रातोंरात सुरक्षा कड़ी कर दी गई। मुख्य गेट बंद कर दिया गया है और अब दोहरी जांच के बीच ही मुलाकातियों को अंदर जाने दिया जा रहा है।

जेल में बंद एसीबी थाना कांड संख्या 11/25 के आरोपी विनय कुमार सिंह ने पिछले दिनों जेल की खराब व्यवस्था की शिकायत SMS से सरकार को भेजी। इस SMS ने साबित कर दिया कि जेल के अंदर मोबाइल चल रहे हैं और अपराधी बाहरी दुनिया से जुड़े हुए हैं। इससे जेल में अनियमितताओं का राज खुल गया। सरकार की नींद उड़ गई और तुरंत कार्रवाई शुरू हो गई।

फिलहाल सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त
पिछले दो दिनों से जेल की सुरक्षा दोगुनी हो गई है। जिला प्रशासन ने जेल के बाहर अस्थाई कैंप लगा दिया है। यहां हर मुलाकाती, जेल अधिकारी और कर्मचारी की सख्त तलाशी ली जा रही है। मजिस्ट्रेट की निगरानी में मोबाइल फोन सीज कर लिए जाते हैं। खाना-पीना जैसी हर चीज की जांच हो रही है। जेल के अंदर जैमर सक्रिय कर दिए गए हैं, ताकि मोबाइल सिग्नल न पहुंचे। बाहर सीसीटीवी कैमरों से 24 घंटे निगरानी हो रही है। जिला प्रशासन और जेल सुरक्षा की दोहरी व्यवस्था के बीच ही कोई अंदर जा पा रहा है।

जय आईजी रातों रात हजारीबाग पहुंचे की बैठक
जेल आईजी सुदर्शन प्रसाद मंडल रातोंरात हजारीबाग पहुंचे और जिला अधिकारियों के साथ बैठक की। इसके बाद 24 घंटे मजिस्ट्रेट और पुलिस का सख्त पहरा लगाया गया। तीन पालियों में 8-8 घंटे की ड्यूटी दी गई है। हर पाली में दो मजिस्ट्रेट, एक सब-इंस्पेक्टर और छह कांस्टेबल तैनात हैं। इसका मकसद अपराधियों का बाहरी संपर्क पूरी तरह तोड़ना है।

पूर्व जेल सिपाही का गिरोह?
मिली जानकारी के अनुसार जेल के पूर्व सिपाही अशोक शर्मा का जेल में वर्चस्व था। उसके इशारे पर अनियमितताएं होती रहीं। उसके गिरोह में कई संतरी शामिल हैं, जो सुरक्षा में सेंध लगाते थे।

चार दिन पहले सिपाहियों के दो गुटों में झड़प हुई थी। इसके बाद पुलिस ने अशोक शर्मा को हिरासत में लिया। हालांकि, अधिकारी इसकी पुष्टि नहीं कर रहे। बताया जाता है कि सोमवार रात लोहरदगा पुलिस ने उसके घर पर छापा मारा। अशोक शर्मा न मिलने पर उसके बेटे अमन को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पता चला कि वह जहानाबाद (बिहार) में है। हजारीबाग पुलिस की टीम वहां जाकर उसे गिरफ्तार कर लाई।

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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