जमशेदपुर: रामनवमी में विधि व्यवस्था बनाए रखने और पर्व को सुचारू ढंग से संपन्न करने के लिए झारखंड में प्रशासन हाई अलर्ट मोड पर है। संवेदनशील माने जाने वाले हजारीबाग और जमशेदपुर में शनिवार को जुलूस निकलेंगे। इसको देखते हुए ही नहीं इलाकों में विशेष सतर्कता बढ़ती जा रही है।झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा ने बुधवार रात रांची में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए। साथ ही जुलूस के रास्तों का वेरिफिकेशन करने और सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए।
वहीं दूसरी ओर झारखंड सीएम हेमंत सोरेन ने भी सभी जिलों के डीसी और एसपी को जुलूस के रास्तों पर ‘सेफ जोन’ बनाने और आपात स्थिति से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखते हुए त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
खबर हैकी पूरे प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह हाई अलर्ट पर है। राज्यभर में ड्रोन से निगरानी, क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) की तैनाती और संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, त्योहार के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक जुलूस मार्गों समेत प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और ड्रोन से लगातार निगरानी की जा रही है। इसके अलावा एंटी-रायट वाहन, वॉटर कैनन, एंबुलेंस और क्विक रिस्पॉन्स टीम को भी तैनात किया गया है। राज्य के विभिन्न जिलों में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए फ्लैग मार्च भी किया जा रहा है। इस बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश पर तुरंत कार्रवाई की जाए।










