रांची: रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), रांची मंडल द्वारा राष्ट्रीय महिला आयोग के सहयोग से 22 दिसंबर 2025 को अधिकारियों के क्लब, हटिया में “मानव तस्करी विरोधी” विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। यह सेमिनार रेलवे बोर्ड के निर्देशों के अनुपालन में आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य मानव तस्करी की रोकथाम एवं इससे प्रभावी रूप से निपटने के लिए विभिन्न एजेंसियों की भूमिका को सुदृढ़ करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत मंडल रेल प्रबंधक सह कमांडेंट, आरपीएफ रांची मंडल के स्वागत संबोधन से हुई। अपने संबोधन में उन्होंने मानव तस्करी को एक गंभीर सामाजिक अपराध बताते हुए इसके विरुद्ध सभी संबंधित विभागों एवं संस्थाओं के समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
सेमिनार में राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य प्रतिनिधि सुश्री डी. कोलेंगा एवं सुश्री ममता, विधि विशेषज्ञ श्री स्वप्निल किशोर तथा शक्ति वाहिनी एनजीओ के संस्थापक श्री निशिकांत ने संसाधन व्यक्ति के रूप में भाग लिया। वक्ताओं ने मानव तस्करी की अवधारणा, उसके स्वरूप एवं आयाम, तस्करों द्वारा अपनाए जाने वाले तरीकों, इसके सामाजिक एवं आर्थिक कारणों, सोशल मीडिया के दुरुपयोग, पीड़ितों के परिवहन एवं स्थानांतरण की प्रक्रिया तथा रोकथाम, पहचान एवं हस्तक्षेप की प्रभावी रणनीतियों पर विस्तार से जानकारी दी।
इस सेमिनार में दक्षिण पूर्व रेलवे के सभी मंडलों एवं मुख्यालय से आरपीएफ के 84 अधिकारी एवं 76 स्टाफ कर्मी, रांची मंडल के वाणिज्य एवं परिचालन विभाग के कर्मचारी, जीआरपी रांची, एएचटीयू एवं स्थानीय थाना के पुलिसकर्मी, चाइल्डलाइन प्रतिनिधि, बचपन बचाओ आंदोलन के सदस्य तथा मीडिया प्रतिनिधियों सहित विभिन्न विभागों एवं संगठनों के प्रतिभागियों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के अंत में संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का संसाधन व्यक्तियों ने समाधान किया, जिससे मानव तस्करी के विरुद्ध व्यावहारिक समझ को और अधिक मजबूती मिली।
सेमिनार का समापन सहायक सुरक्षा आयुक्त, आरपीएफ रांची मंडल द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें राष्ट्रीय महिला आयोग के प्रतिनिधियों, अतिथि वक्ताओं, सभी प्रतिभागियों तथा आयोजन से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।














