रांची: उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री ने आज अपने कार्यालय कक्ष में कुल आठ प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) को आधिकारिक पहचान पत्र (आईकार्ड) प्रदान किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी पदाधिकारियों को नववर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और कार्यालयीन अनुशासन, समयबद्ध कार्यप्रणाली तथा जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता पर विशेष जोर दिया।
उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी निर्धारित समय पर कार्यालय पहुंचना सुनिश्चित करें तथा प्रखंड कार्यालय में आने वाले आम नागरिकों की समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनकर शीघ्र निष्पादन कराएं। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य आमजन को त्वरित और पारदर्शी सेवा उपलब्ध कराना है, जिसके लिए जिम्मेदार पदाधिकारियों की सक्रिय भूमिका अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कार्यालय परिसरों में बिचौलियों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश देते हुए कहा कि इस संबंध में कड़ी निगरानी रखी जाए। किसी भी स्तर पर अनियमितता या अनुचित हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उपायुक्त भजंत्री ने साप्ताहिक जनता दरबार में प्राप्त होने वाली शिकायतों के गंभीरता और समयबद्धता से निष्पादन पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि जनता दरबार आम नागरिकों के लिए प्रशासन तक सीधी पहुंच का सशक्त माध्यम है और यहां आने वाली शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित कर नागरिकों को राहत देना प्रशासन की प्राथमिकता है।
नववर्ष के अवसर पर उन्होंने सभी पदाधिकारियों से अपील की कि वे जनसेवा को और अधिक प्रभावी बनाते हुए जिला प्रशासन की योजनाओं को धरातल पर उतारें, ताकि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।
इस अवसर पर जिन प्रखंड विकास पदाधिकारियों को आईकार्ड प्रदान किया गया, वे हैं
प्रखंड विकास पदाधिकारी, लापुंग
प्रखंड विकास पदाधिकारी, बुढ़मु
प्रखंड विकास पदाधिकारी, बुंडू
प्रखंड विकास पदाधिकारी, कांके
प्रखंड विकास पदाधिकारी, नामकुम
प्रखंड विकास पदाधिकारी, राहें
प्रखंड विकास पदाधिकारी, बेड़ो
प्रखंड विकास पदाधिकारी, चान्हो
कार्यक्रम को जिला प्रशासन की ओर से बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया।














