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रांची: अंश-अंशिका की सकुशल बरामदगी पर डीजीपी ने एसएसपी सहित पूरी टीम को दी बधाई

On: January 14, 2026 3:23 PM
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रांची: झारखंड पुलिस ने एक बेहद संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र से लापता हुए दो मासूम बच्चों अंश और अंशिका को सकुशल बरामद कर लिया है। यह बरामदगी बुधवार सुबह रामगढ़ जिले के चितरपुर इलाके से की गई। पूरे अभियान की निगरानी सीआईडी एडीजी सह रांची जोनल आईजी मनोज कौशिक ने की, जबकि ऑपरेशन का नेतृत्व एसएसपी राकेश रंजन कर रहे थे।
इस मामले में पुलिस ने अपहरण में संलिप्त दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है, जो बिहार के औरंगाबाद जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि बच्चों का सुराग देने वालों के लिए रांची पुलिस द्वारा दो लाख रुपये के इनाम की घोषणा की गई थी।

रामगढ़ जिले के रजरप्पा के अहमद नगर में स्थानीय युवकों की होशियारी और सजगता से पुलिस ने दोनों बच्चों को सुरक्षित बरामद कर लिया। सबसे पहले युवकों ने मासूम अंश और अंशिका की पहचान की और फिर इसकी जानकारी पुलिस को दी। जिसके बाद पुलिस ने दोनों मासूमों को बरामद कर लिया और साथ ही एक महिला और एक पुरुष को भी हिरासत में लिया।


मानव तस्करी का अंतरराज्यीय नेटवर्क


झारखंड पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए डीजीपी तदाशा मिश्रा ने इस सफलता के लिए पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल बच्चों के अपहरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित अंतरराज्यीय मानव तस्करी सिंडिकेट काम कर रहा है। डीजीपी ने बताया कि यह एक बहुत बड़ा गिरोह है। फिलहाल मामले को पूरी तरह से गुप्त इसलिए रखा जा रहा है क्योंकि इसमें एक बड़े नेटवर्क को पकड़ना है।


डीजीपी ने यह भी घोषणा की कि इस कठिन और जोखिमभरे मिशन में शामिल सभी पुलिस अधिकारियों और जवानों को उनकी तत्परता, साहस और समर्पण के लिए सम्मानित किया जाएगा।


एड़ी-चोटी का जोर, हर सुराग की जांच


बताया गया कि 2 जनवरी को शालीमार बाजार से बच्चों के गायब होने के बाद रांची पुलिस ने मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। बच्चों की तस्वीरों वाले पोस्टर शहर के प्रमुख इलाकों, बाजारों और सार्वजनिक वाहनों पर लगाए गए। पुलिस अधिकारियों ने अपने व्हाट्सएप स्टेटस के जरिए भी आम लोगों से सहयोग की अपील की।


अपहरण के दिन शालीमार बाजार क्षेत्र में आए सैकड़ों वाहनों की पहचान कर उनके नंबरों की जांच की गई। पुलिस टीम ने एक-एक वाहन मालिक के पते पर जाकर भौतिक सत्यापन किया। इसके अलावा बच्चों के पिता और हटिया डीएसपी समेत तीन मोबाइल नंबर सार्वजनिक किए गए, जिन पर लगातार सूचनाएं प्राप्त होती रहीं।


भावुक हुआ माहौल


बच्चों की बरामदगी के बाद पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अंश और अंशिका के माता-पिता भी मौजूद थे। 13 दिनों के लंबे इंतजार के बाद अपने बच्चों को सुरक्षित पाकर उनकी आंखें नम हो गईं। उन्होंने रांची पुलिस, प्रशासन और इस अभियान में सहयोग करने वाले सभी लोगों का दिल से आभार जताया।


जांच जारी, और खुलासों की उम्मीद


फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि मानव तस्करी के इस नेटवर्क की जड़ें और किन-किन राज्यों तक फैली हैं। पुलिस को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई बड़े और चौंकाने वाले खुलासे सामने आएंगे।


रांची पुलिस की यह कार्रवाई न सिर्फ दो मासूम जिंदगियों को बचाने की मिसाल है, बल्कि संगठित अपराध और मानव तस्करी के खिलाफ एक मजबूत संदेश भी है।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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