रांची: रांची और चक्रधरपुर रेल मंडल की मंडल स्तरीय सांसदों की बैठक आज रांची में संपन्न हुई। बैठक में दोनों रेल मंडलों में चल रही विकास योजनाओं, रांची और चक्रधरपुर रेल मंडल से जुड़ी लंबित योजनाओं, यात्री सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और भविष्य की परियोजनाओं को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने सांसदों को विभिन्न योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया, वहीं जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्रीय जरूरतों और जनभावनाओं के अनुरूप सुझाव रखे।
होली पर विशेष ट्रेनों का प्रस्ताव
बैठक में रक्षा राज्य मंत्री एवं रांची सांसद संजय सेठ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि होली पर्व को देखते हुए अभी से रांची से विशेष ट्रेनों के परिचालन का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा जाए। इसके साथ ही रांची–मुरी शटल ट्रेन चलाने, रांची से अयोध्या, लखनऊ, जयपुर, चेन्नई सहित अन्य प्रमुख शहरों के लिए ट्रेनों के परिचालन के प्रस्ताव भेजने को कहा गया। अधिकारियों ने बताया कि कई प्रस्ताव पहले ही रेलवे बोर्ड को भेजे जा चुके हैं।
वंदे भारत और शटल ट्रेनों पर जोर
रांची–वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस को सप्ताह में तीन दिन आरा–बक्सर होकर चलाने का प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया गया। वहीं हावड़ा–मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर स्थित सिनी स्टेशन से मुरी जंक्शन तक शटल ट्रेन चलाने की बात कही गई, ताकि रांची आने-जाने वाली ट्रेनों से बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके और ग्रामीण क्षेत्रों की बड़ी आबादी लाभान्वित हो।
महिला यात्रियों की सुरक्षा पर सख्त निर्देश
बैठक में रांची–लोहरदगा पैसेंजर ट्रेन में महिला यात्रियों की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। निर्देश दिया गया कि महिला यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, असामाजिक तत्वों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो और महिला पुलिस बल की तैनाती की जाए। इसके साथ ही ट्रेन में अतिरिक्त बोगी जोड़ने या फेरे बढ़ाने की प्रक्रिया तेज करने को कहा गया।
धार्मिक स्थलों के संरक्षण पर संवेदनशीलता
स्टेशन पुनर्विकास के दौरान कई स्थानों पर दशकों पुराने मंदिरों के अस्तित्व का मुद्दा भी उठा। सांसद संजय सेठ ने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी धार्मिक स्थल पर कार्रवाई से पहले मंदिर समिति से संवाद किया जाए और आपसी समन्वय से समाधान निकाला जाए। विकास जरूरी है, लेकिन धार्मिक विरासत और सामाजिक सद्भाव बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है।
रेल मंडल सीमा में बदलाव का प्रस्ताव
मेसरा, बरकाकाना, रामगढ़, मैक्लुस्कीगंज, खलारी और राय रेलवे स्टेशन वर्तमान में धनबाद रेल मंडल के अधीन हैं, जबकि ये रांची रेल मंडल के अधिक निकट हैं। बैठक में इन स्टेशनों को रांची रेल मंडल में शामिल करने का प्रस्ताव अविलंब रेलवे बोर्ड को भेजने का निर्देश दिया गया।
प्रमुख परियोजनाओं पर फैसले
बैठक में कई अहम परियोजनाओं और मांगों पर भी निर्देश दिए गए, जिनमें शामिल हैं
• सिल्ली–इलू बाईपास रेलवे लाइन को शीघ्र धरातल पर उतारने का निर्देश, जिससे रांची–टाटानगर की दूरी और समय कम होगा।
• रांची और हटिया स्टेशन पुनर्विकास के दौरान ठेला–खोमचा लगाने वालों के लिए नोटिस की समय-सीमा तय करने और अटल वेंडर मार्केट बनाने का प्रस्ताव।
• पुनदाग–भागलपुर सेल सिटी और न्यू पुनदाग जोहार नगर के पास RUB और पहुंच पथ निर्माण पर त्वरित कार्रवाई।
• नामकुम स्टेशन से बिशप वेस्ट कोट स्कूल तक फुट ओवर ब्रिज निर्माण।
• बांदू अंडरपास के पास जर्जर एप्रोच रोड के निर्माण कार्य को शुरू करने का निर्देश।
• झिमड़ी (ईचागढ़) में पेयजल सुविधा और यात्री शेड निर्माण।
• केतारी बागान, चुटिया फ्लाईओवर क्षेत्र में आवागमन सुगम बनाने के लिए 15 फीट चौड़ी सड़क की व्यवस्था।
• पिस्का स्टेशन में ट्रेनों के ठहराव बढ़ाने का निर्देश।
• ईचागढ़ क्षेत्र में KS7 फाटक और अंडरपास से जुड़े फुट ओवर ब्रिज, पानी रिसाव जैसी समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई।
• प्रस्तावित कांडरा–नामकुम रेलवे लाइन की वस्तुस्थिति की जानकारी।
• चांडिल गोलचक्कर के पास स्थित रेलवे तालाब की साफ-सफाई, जीर्णोद्धार और पर्यटन की दृष्टि से विकास।
बैठक के अंत में सांसदों और अधिकारियों ने यह संकल्प दोहराया कि रेलवे विकास योजनाओं को जनहित, सुरक्षा और क्षेत्रीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तेजी से पूरा किया जाएगा, ताकि झारखंड के लोगों को बेहतर रेल सुविधाएं मिल सकें।
बैठक में सांसद श्री विद्युत बरन महतो, श्री कालीचरण सिंह, श्री ज्योतिर्मय महतो, श्रीमती ममता मोहंता, श्रीमती जोबा मांझी, श्री सुखदेव भगत, श्रीमती महुआ माजी, रक्षा राज्य मंत्री एवं रांची सांसद श्री संजय सेठ, दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक श्री अनिल कुमार मिश्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।













