---Advertisement---

गुमशुदा बच्चों को ढूंढने में नाकाम रही रांची पुलिस, CID ने जारी किया Hue & Cry नोटिस

On: January 11, 2026 8:26 PM
---Advertisement---

रांची: राजधानी रांची से रहस्यमयी हालात में गायब हुए दो मासूम भाई-बहन अंश और अंशिका का अब तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। स्थानीय पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद बच्चों की बरामदगी नहीं होने पर अब यह मामला झारखंड सीआईडी के हाथों में है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीआईडी ने पूरे देश की पुलिस से सहयोग की अपील की है।


सीआईडी के एडीजी मनोज कौशिक ने देशभर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के डीजीपी, आईजी और पुलिस आयुक्तों को पत्र भेजकर ह्यू एंड क्राई नोटिस जारी किया है। इसके तहत सभी थानों, आउट पोस्ट और बीट हाउसों में बच्चों से संबंधित जानकारी प्रसारित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि किसी भी स्तर पर बच्चों की पहचान होते ही त्वरित कार्रवाई की जा सके।
यह मामला रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां 3 जनवरी 2026 को कांड संख्या 01/2026 दर्ज की गई थी। केस भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के तहत दर्ज है।


सीआईडी की ओर से आम जनता से भी सहयोग की अपील की गई है। यदि किसी व्यक्ति को बच्चों के संबंध में कोई भी जानकारी, उनकी मौजूदगी या किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि का पता चलता है, तो वह तत्काल सीआईडी झारखंड, रांची को सूचित कर सकता है। इसके लिए ईमेल आईडी control-cid@jhpolice.gov.in और मोबाइल नंबर 9771432139 जारी किया गया है। सही और पुख्ता सूचना देने वाले को 51 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा भी की गई है।
इधर, घटना के नौ दिन बीत जाने के बाद भी बच्चों का कोई सुराग नहीं मिलने से परिजनों के साथ-साथ बस्ती के लोगों में जबरदस्त आक्रोश है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि शुरुआत में ही पुलिस ने गंभीरता दिखाई होती, तो आज बच्चे सुरक्षित घर लौट चुके होते।


बस्तीवासियों के अनुसार, 2 जनवरी को दोपहर करीब ढाई बजे अंश और अंशिका घर से निकले थे। जब दो से तीन घंटे तक बच्चों का कोई पता नहीं चला तो परिजनों ने खुद खोजबीन शुरू की। शाम करीब छह बजे परिजन धुर्वा थाना पहुंचे, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने तत्काल तलाश शुरू करने की बजाय परिजनों से कई तरह के सवाल पूछने में समय गंवा दिया।


परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि शुरुआती घंटों में की गई लापरवाही इस मामले को गंभीर बना गई। बस्ती में खासकर धुर्वा थाना प्रभारी को लेकर भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का साफ कहना है कि यदि पुलिस ने पहले ही दिन तेजी और संवेदनशीलता दिखाई होती, तो शायद आज स्थिति कुछ और होती।


फिलहाल, पूरे राज्य की निगाहें इस मामले पर टिकी हैं और उम्मीद की जा रही है कि सीआईडी द्वारा देशव्यापी स्तर पर शुरू की गई यह पहल जल्द ही अंश और अंशिका को सुरक्षित वापस लाने में सफल होगी।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

Join WhatsApp

Join Now