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खास महल से करनडीह तक अतिक्रमण हटाओ अभियान चला,मेधा दूध काउंटर को भी उजाड़ा,कार्रवाई पर सवाल!सीआई बोले..!

On: September 24, 2025 7:07 AM
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जमशेदपुर : पूर्व घोषणा के अनुसार अनुमंडलाधिकारी के आदेश के बाद खासमहल से करनडीह तक अतिक्रमण हटाओ अभियान चला। इस दौरान कुछ दुकानदारों के द्वारा विरोध किए जाने की भी खबर है। इसके बावजूद अतिक्रमण हटाओ अभियान चला। अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान उसे वक्त विवाद हो गया जब प्रखंड विकास कार्यालय के गेट के बगल में मेधा डेयरी की दुकान पर भी बुलडोजर चलाया गया।

दुकान संचालक मोहम्मद अजहर का आरोप है कि झारखंड सरकार के महत्वपूर्ण योजना मेघा दूध काउंटर के अंचल अधिकारी द्वारा बिना नोटिफिकेशन किए गए तोड़ा। झारखंड सरकार के महत्वपूर्ण योजना पशुपालन एवं मत्स्य विभाग से मेघा दूध काउंटर को जमशेदपुर अंचलाधिकारी के द्वारा बिना नोटिस दिए गए तोड़ दिया गया जो की यह सरकार की योजना है दुकान संचालक के द्वारा कागजात भी दिखाया गया लेकिन उसके बाद भी तोड़ा गया जिसकी शिकायत दुकान संचालक के द्वारा माननीय मुख्यमंत्री एवं पशुपालन मंत्री को किया जाएगा यदि यही हालत रहा तो कोई भी व्यक्ति सरकारी दुकान लेने के लिए 1000 बार सोचेगा। उन्होंने कहा कि यह दुकान जो आवंटित हुई है यह पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास जी एवं पूर्व राज्यपाल सैयद रखते राजी के अनुशंसा पर दुकान दिया गया है यही प्रशासन और सरकार का रवैया रहा तो कोई भी व्यक्ति सरकार की योजना को लेने में 1000 बार सोचेगा।

इधर दूसरी ओर अंचल के अधिकारियों का कहना था कि मेधा की दुकान खोलने के लिए उसे कहीं और जगह दी गई है, लेकिन गलत तरीके से सरकारी जमीन को कब्जाकर गेट के बगल में खोल दिया गया है. जांच के बाद ही इस तरह की कार्रवाई की गई है.

इधर खबर है कि कुछ देर के लिए जेसीबी में कुछ गड़बड़ी आई थी फिर जेसीबी के ठीक होते ही फिर से अतिक्रमण हटाओ अभियान को शुरू कर दिया गया है।इस क्रम में परसुडीह थाना के आस-पास अवैध रूप से बने झोपड़ी होटल को भी जमींदोज किया गया है। प्रशासन का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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