झारखंड वार्ता संवाददाता
गढ़वा: भाजपा जिला मीडिया प्रभारी रितेश चौबे ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) सरकार पर महिला विरोधी रवैया अपनाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि झामुमो सरकार के कार्यकाल में मंईया सम्मान योजना का पोर्टल पिछले एक वर्ष से बंद पड़ा है, जिसके कारण गढ़वा जिले सहित पूरे झारखंड की लाखों महिलाएं इस महत्वाकांक्षी योजना के लाभ से वंचित हैं।
रितेश चौबे ने आरोप लगाया कि सरकार हर महीने समीक्षा के नाम पर योजना से जुड़ी महिलाओं के नाम सूची से हटाती जा रही है, लेकिन नए पात्र महिलाओं को योजना में शामिल नहीं किया जा रहा है। इससे साफ जाहिर होता है कि महिला सशक्तिकरण के नाम पर झामुमो सरकार महिलाओं को गुमराह कर रही है।
उन्होंने कहा कि 50 वर्ष की आयु पूरी होते ही महिलाओं का नाम योजना से हटा दिया जा रहा है, जबकि 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाली पात्र महिलाओं को तत्काल योजना में नहीं जोड़ा जा रहा है। चौबे ने दावा किया कि जनवरी 2025 से मंईया सम्मान योजना का पोर्टल बंद है। हेमंत सरकार ने वादा किया था कि झारखंड की सभी महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा, लेकिन अब तक यह वादा पूरा नहीं हो सका है।
भाजपा नेता ने बताया कि गढ़वा जिले में हाल ही में 5900 महिलाओं के नाम योजना की सूची से काट दिए गए हैं। वहीं, पूरे झारखंड में लाखों महिलाओं के नाम हटाए जा चुके हैं, लेकिन अब तक एक भी नया नाम सूची में नहीं जोड़ा गया है।
उन्होंने कहा कि हाल ही में आयोजित “सरकार आपके द्वार” कार्यक्रम के दौरान भी मंईया सम्मान योजना का पोर्टल बंद रहा। गढ़वा सहित राज्य के विभिन्न जिलों में 18 वर्ष से अधिक आयु की हजारों महिलाएं दिनभर कतार में खड़ी रहीं, लेकिन पोर्टल नहीं खुलने के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा।
रितेश चौबे ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर हेमंत सरकार मंईया सम्मान योजना का पोर्टल क्यों बंद रखे हुए है। उन्होंने कहा कि इससे यह स्पष्ट होता है कि झामुमो सरकार की मंशा महिलाओं को मंईया सम्मान योजना की राशि देने को लेकर स्पष्ट नहीं है।
मंईयां सम्मान योजना से हर महीने हटाए जा रहे नाम : रितेश













