
सरायकेला-खरसावां: जिले के गम्हरिया थाना क्षेत्र में दो युवकों की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। रामचंद्रपुर-रापचा फुटबॉल मैदान के पीछे वन विभाग की जमीन में दफन किए गए दो युवकों के शव बरामद होने के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। मृतकों की पहचान स्थानीय निवासी राहुल हांसदा (23) और तपन प्रधान (22) के रूप में हुई है। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों, फुलचांद उर्फ रघुनाथ हांसदा और रवींद्र मार्डी को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू की, जिसके बाद दोनों शवों का पता चला।
परिजनों के अनुसार, 13 अगस्त को राहुल हांसदा और तपन प्रधान के साथ मारपीट कर उनका अपहरण कर लिया गया था। घटना को लेकर कांड्रा थाना में लिखित शिकायत दी गई थी। शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को अहम सुराग मिले और दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ के बाद आरोपियों ने शवों को दफनाने की जानकारी दी।
रापचा ग्राउंड के पीछे दफन थे दोनों शव
पुलिस के अनुसार, दोनों युवकों की हत्या के बाद शवों को रापचा ग्राउंड के पीछे स्थित वन विभाग की जमीन में रात के समय दफना दिया गया था। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शवों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया।
पहले पुलिस ने गैता और कुदाली की मदद से खुदाई की, लेकिन जमीन से शव निकालने में सफलता नहीं मिली। इसके बाद जेसीबी मशीन मंगाई गई। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद दोनों शवों को जमीन से बाहर निकाला गया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत के कारणों को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि घटना की शुरुआत मोबाइल चोरी की जानकारी मिलने के बाद हुई। आरोपियों के अनुसार, राहुल हांसदा, तपन प्रधान और सूरज हांसदा को धतकीडीह स्कूल से गम्हरिया लाया गया था। वहां तीनों युवकों के साथ मारपीट की गई।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि बाद में सूरज हांसदा को छोड़ दिया गया और वह अपने घर चला गया। कुछ देर बाद राहुल और तपन को भी छोड़ने की बात सामने आई। हालांकि, कुछ दूर जाने के बाद दोनों युवक जमीन पर गिर पड़े। पास जाकर देखने पर दोनों की मौत हो चुकी थी। इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर घटना को छिपाने के लिए दोनों शवों को रात में रापचा के जंगल क्षेत्र में ले जाकर वन विभाग की जमीन में दफना दिया।
शव दफनाने में पूरी रात लगी
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने यह भी बताया कि दोनों शवों को जमीन में दफनाने में पूरी रात लग गई थी। शवों को दफनाने के लिए जिन गैता-कुदाली समेत अन्य औजारों का इस्तेमाल किया गया था, उन्हें बाद में खरकई नदी में फेंक दिया गया। इस वजह से पुलिस अभी तक उन औजारों को बरामद नहीं कर सकी है।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से कई अहम साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर घटना की पूरी कड़ी जोड़ने में लगी है। साथ ही, इस हत्याकांड में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
एसडीपीओ ने स्पष्ट किया है कि अपहरण और हत्या के वास्तविक कारण का आधिकारिक खुलासा जांच पूरी होने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही किया जाएगा। फिलहाल पुलिस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है।







