
जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम के जमशेदपुर और पोटका प्रखंड में विद्यार्थियों को साइकिल वितरण में हो रही देरी को लेकर अब सवाल और गहरे हो गए हैं। जन विकास मंच के अध्यक्ष एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी सौरभ विष्णु ने दावा किया है कि साइकिल वितरण में देरी का मामला जुलाई से ही सूचना का अधिकार (RTI) के जरिए उठाया जा रहा है, लेकिन संबंधित विभाग ने अब तक मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई है। प्रथम अपील का भी जवाब लंबित है।
सौरभ विष्णु के अनुसार, 28 जुलाई 2026 को सामने आई रिपोर्ट में जमशेदपुर और पोटका प्रखंड में कुल 13,500 साइकिलों के वितरण का लक्ष्य बताया गया था, जबकि उस समय तक महज 2,600 साइकिलें ही वितरित हो सकी थीं। इसके बाद उन्होंने 31 जुलाई को स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, झारखंड सरकार के समक्ष RTI दाखिल कर साइकिल खरीद से जुड़े टेंडर, आपूर्तिकर्ता कंपनी, प्रति साइकिल कीमत, कुल अनुबंध राशि, वास्तविक वितरण आंकड़े और खुले में रखी साइकिलों के जंग लगने से संबंधित जांच रिपोर्ट की जानकारी मांगी।
आरटीआई आवेदन विभाग को 4 अगस्त को प्राप्त हुआ। इसके बाद आवेदन को माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को भेजा गया। सौरभ विष्णु का कहना है कि सूचना उपलब्ध कराने की निर्धारित अवधि 3 सितंबर 2026 को समाप्त हो गई, लेकिन इसके बावजूद कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने RTI अधिनियम की धारा 19(1) के तहत प्रथम अपील दायर की, जिसका जवाब भी अब तक नहीं आया है।
SIR को बताया जा रहा देरी की वजह, समयक्रम पर उठे सवाल
हाल की रिपोर्टों में पूर्वी सिंहभूम में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित 13,748 साइकिलों के वितरण में देरी के पीछे अधिकारियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य में व्यस्त होने तथा जिला कल्याण पदाधिकारी और ITDA परियोजना निदेशक के पद रिक्त होने को कारण बताया गया है।
सौरभ विष्णु ने इस वजह पर सवाल उठाते हुए कहा कि साइकिल वितरण और विभागीय जवाबदेही से संबंधित RTI जुलाई में ही दाखिल की जा चुकी थी। उनके मुताबिक, जब आरटीआई और प्रथम अपील की प्रक्रिया शुरू हुई, तब SIR को लेकर मौजूदा कारण चर्चा में नहीं था। ऐसे में उनका सवाल है कि यदि प्रशासनिक स्तर पर कोई समस्या थी, तो समय पर इसकी जानकारी और संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध क्यों नहीं कराए गए।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को साइकिल मिलने में देरी के बीच कारण बदलने के बजाय विभाग को अपने रिकॉर्ड और वितरण की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करनी चाहिए। उनका कहना है कि मांग केवल उन सूचनाओं की है, जिन्हें RTI कानून के तहत निर्धारित समयसीमा में उपलब्ध कराया जाना चाहिए था।
नए RTI में मांगी गई अतिरिक्त जानकारी
जन विकास मंच ने अब जिला स्तर पर एक और RTI आवेदन दाखिल किया है। इसमें अधिकारियों के रिक्त पदों की अवधि, SIR ड्यूटी आवंटन से संबंधित आदेश तथा जमशेदपुर पश्चिम और मानगो क्षेत्र के विद्यालयवार साइकिल वितरण आंकड़े मांगे गए हैं।
मंच का कहना है कि जब तक प्रथम अपील पर जवाब नहीं मिलता और साइकिल वितरण की प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक इस मामले को समाप्त नहीं माना जाएगा। अब देखना यह है कि विभाग लंबित RTI और प्रथम अपील पर कब तक जवाब देता है और साइकिल वितरण में देरी की वास्तविक स्थिति क्या सामने आती है।




