July 26, 2026

मैनियां सम्मान योजना में घोटाला! रेलवे कर्मचारियों और शिक्षकों की पत्नियां भी ले रही थीं सरकारी पैसा, झारखंड हिंदी न्यूज

झारखंड के दुमका जिले में मुख्यमंत्री मइनियां सम्मान योजना में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है. बीडीओ की जांच में रेलकर्मी, सरकारी शिक्षक, पारा शिक्षक, पोषण सखी, एएनएम व चौकीदार की पत्नी समेत कई लोगों द्वारा नियम विरुद्ध योजना का लाभ लेने का मामला सामने आया.

मैया सम्मान योजना धोखाधड़ी: झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री मैनियां सम्मान योजना में दुमका जिले में बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है. जांच में पता चला है कि कई महिलाएं नियमों को दरकिनार कर योजना का लाभ ले रही थीं। इनमें रेलवे कर्मचारियों और सरकारी शिक्षकों की पत्नियों के अलावा पारा शिक्षकों की पत्नियां, पोषण सखी, एएनएम और चौकीदार जैसे सरकारी तंत्र से जुड़े लोगों के परिवार भी शामिल हैं. मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने फर्जी लाभार्थियों को योजना से बाहर करने और उनसे अब तक ली गई रकम लौटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

जानकारी के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद शनिवार को प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) राजेश कुमार सिन्हा ने विभिन्न गांवों में लाभुकों का भौतिक सत्यापन किया. जांच के दौरान ऐसे कई मामले सामने आये जिसमें लाभुकों ने पात्र नहीं रहने के बावजूद मुख्यमंत्री मइनियां सम्मान योजना का लाभ ले लिया.

जांच के दौरान हरिपुर पंचायत के पूतका गांव की मितु कुमारी का मामला प्रकाश में आया. मीतू पर मैनियां सम्मान योजना का लाभ लेने के साथ-साथ लाल राशन कार्ड पर सरकारी अनाज उठाने का आरोप है, जबकि उनके पति तापस दास पश्चिम बंगाल के आसनसोल में रेलवे विभाग में कार्यरत हैं। नियमानुसार ऐसी स्थिति में योजना का लाभ नहीं मिलना चाहिए.

इसी तरह विलाकांडी पंचायत के जयताड़ा गांव के पार्थप्रतिम गोस्वामी की पत्नी शिल्पी चक्रवर्ती का नाम भी जांच में सामने आया. आरोप है कि वह ग्रीन राशन कार्ड का लाभ ले रही थीं, जबकि उनके पति सरकारी शिक्षक हैं. दक्षिणजोल पंचायत के सुजानपुर गांव की रिया घोष की शादी एक साल पहले एक सरकारी शिक्षक से हुई थी, लेकिन इसके बावजूद वह मैनियां सम्मान योजना का लाभ उठा रही थी.

बीडीओ की जांच में यह भी पता चला कि दो पारा शिक्षकों की पत्नियां, चार पोषण सखी, एक एएनएम और एक चौकीदार के परिवार भी नियम के विपरीत योजना का लाभ उठा रहे थे. इसके अलावा पथरा गांव में पति-पत्नी द्वारा अलग-अलग राशन कार्ड के जरिये सरकारी लाभ लेने का मामला भी पकड़ा गया.

प्रशासन ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए फर्जी लाभार्थियों को तत्काल योजना से मुक्त कर दिया है. साथ ही उन्हें अब तक मिले सरकारी पैसे लौटाने का नोटिस भी जारी किया गया है. राशन कार्ड से संबंधित मामलों में भी कार्रवाई शुरू कर दी गयी है.

बीडीओ राजेश कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया कि पात्रता जांच लगातार जारी रहेगी और कोई भी व्यक्ति गलत जानकारी देकर सरकारी योजनाओं का लाभ लेते पाया गया तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी. प्रशासन का कहना है कि अभियान का उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ केवल वास्तविक और पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाना है।

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