कराची/क्वेटा: पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में सुरक्षा बलों ने एक बड़े आतंकवाद विरोधी अभियान के तहत दो विद्रोही संगठनों से जुड़े 10 आतंकवादियों को मार गिराया है। इस मुठभेड़ में सुरक्षा बलों के 10 जवान भी घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आतंकवाद विरोधी विभाग (सीटीडी) के उप महानिरीक्षक (डीआईजी) आयेतजाद अहमद गोराया ने क्वेटा में मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्रवाई सोमवार को पंजगुर शहर के दुर्गम और पहाड़ी इलाकों में की गई। खुफिया सूचना के आधार पर सुरक्षा बलों ने संदिग्ध आतंकवादियों के ठिकानों की घेराबंदी की थी।
आत्मसमर्पण की चेतावनी, फिर मुठभेड़
डीआईजी गोराया के अनुसार, सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों को कई बार आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन उन्होंने भारी हथियारों से फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए सभी 10 आतंकवादियों को मार गिराया।
मुठभेड़ के दौरान सुरक्षा बलों के 10 जवान घायल हो गए। सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
भारी मात्रा में हथियार बरामद
अधिकारियों ने बताया कि मारे गए आतंकवादियों के ठिकानों से रॉकेट लॉन्चर, विस्फोटक सामग्री और अन्य घातक हथियार बरामद किए गए हैं। इसके अलावा, संचार उपकरणों की जांच में यह भी सामने आया है कि ये आतंकवादी अपने संचालकों और नेटवर्क के साथ लगातार संपर्क में थे।
बच्चों की भर्ती से बढ़ी चिंता
डीआईजी गोराया ने स्थिति को गंभीर और चिंताजनक बताते हुए कहा कि बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) जैसे आतंकी संगठन कम उम्र के बच्चों को हैंडलर और फैसिलिटेटर के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। कुछ बच्चों को आत्मघाती हमलों के लिए प्रशिक्षित किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में क्वेटा के पास एक नाबालिग की गिरफ्तारी के बाद इस खतरनाक नेटवर्क का खुलासा हुआ, जिसके बाद विद्रोही समूहों के खिलाफ अभियान और तेज कर दिया गया है।
पाकिस्तान में बढ़ते आतंकी हमले
गौरतलब है कि पाकिस्तान में, खासकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांतों में, हाल के महीनों में आतंकी हमलों में तेज़ी देखी गई है। इन हमलों में मुख्य रूप से पुलिस, कानून प्रवर्तन एजेंसियों और सुरक्षा बलों को निशाना बनाया जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि आतंकियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी कीमत पर क्षेत्र में शांति व्यवस्था भंग करने की साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।














