साहिबगंज: झारखंड के साहिबगंज जिले के बरहरवा प्रखंड से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक मां पर अपने ही नाबालिग बेटे की हत्या का आरोप लगा है। पुलिस जांच में जो सच्चाई सामने आई है, उसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। मामला बरहरवा थाना क्षेत्र के रतनपुर गांव का है।
पोखर में मिला था किशोर का शव
कुछ दिन पहले गांव के पास स्थित एक पोखर (तालाब) में एक नाबालिग लड़के का शव मिलने की सूचना बरहरवा थाना पुलिस को दी गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना कांड संख्या 28/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई। मृतक की पहचान 14 वर्षीय आयुष के रूप में हुई, जो रतनपुर गांव का रहने वाला था। शुरुआती तौर पर मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा था, जिसके बाद पुलिस ने परिवार और नजदीकी लोगों से पूछताछ शुरू की।
मां और ममेरे भाई पर गया शक
बरहरवा प्रभाग के इंस्पेक्टर के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने जांच के दौरान मृतक की मां मीनू देवी (33 वर्ष) और उसके ममेरे भाई रोहित साहा (30 वर्ष) से पूछताछ की। दोनों के बयानों में कई विरोधाभास पाए गए, जिससे पुलिस का शक गहरा गया।
सख्ती से पूछताछ करने पर जो खुलासा हुआ, उसने जांच अधिकारियों को भी हैरान कर दिया।
दो साल से चल रहा था अवैध संबंध
पुलिस के अनुसार, मीनू देवी और रोहित साहा के बीच पिछले करीब दो वर्षों से अवैध संबंध थे। रोहित, मीनू देवी के भाई का बेटा है। बताया जा रहा है कि 7 फरवरी की रात करीब 9 बजे आयुष ने अपनी मां को रोहित के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। यहीं से यह मामला खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया।
राज खुलने के डर से रची गई साजिश
जांच में सामने आया कि दोनों को डर था कि आयुष यह बात गांव और रिश्तेदारों में बता देगा, जिससे उनकी बदनामी होगी। इसी डर से दोनों ने मिलकर आयुष की हत्या करने की साजिश रची।
पुलिस के मुताबिक, उसी रात किशोर की गला दबाकर हत्या कर दी गई। बाद में साक्ष्य छिपाने की नीयत से शव को घर के पास स्थित तालाब में फेंक दिया गया, ताकि मामला हादसा या डूबने जैसा लगे।
तीन दिन बाद पुलिस ने सुलझाया मामला
शव मिलने के बाद पुलिस लगातार जांच में जुटी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हत्या की पुष्टि हुई। इसके बाद गहन पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।पुलिस ने मीनू देवी और रोहित साहा को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
गांव में शोक और आक्रोश का माहौल
इस घटना के बाद रतनपुर गांव में शोक के साथ-साथ आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि मां जैसे पवित्र रिश्ते को कलंकित करने वाली इस घटना ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है।










